201वीं और 204वीं कोबरा बटालियन का मुख्यालय होने से मिली राष्ट्रीय पहचान।
2023 में अमित शाह भी इसी कैंप में मना चुके हैं CRPF का स्थापना दिवस।
करणपुर अब एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में है।
दीपावली के अवसर पर सुरक्षा बलों के साथ PM मोदी मनाएंगे त्योहार।
PM Narendra Modi CRPF Camp Diwali in Baster: जंगलों में कभी गोलियों की गूंज और नक्सली हिंसा का खौफ था, आज उसी बस्तर में विकास और शांति की नई उम्मीद दिखाई दे रही है। इस बदले हुए माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दीपावली का त्योहार बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मनाया।
रविवार को जवानों के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री ने उनके साहस, त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि देश की रक्षा में जुटे सभी जवान उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि 2026 की दीपावली इसलिए खास है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों लंबी लड़ाई में जीत हासिल की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली परिवार के साथ खुशियां बांटने का त्योहार है। लोग इस दिन दूर-दराज से अपने घर लौटते हैं, लेकिन देश की सुरक्षा में तैनात जवान अपने परिवार से दूर रहकर भी करोड़ों लोगों की खुशियों की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में कारगिल और लेपचा से लेकर समुद्र किनारे सर क्रीक और समुद्र में तैनात आईएनएस विक्रांत तक, जवानों के साथ मनाई गई हर दीपावली उनके लिए यादगार रही है। इस बार बस्तर के जंगलों में जवानों के बीच त्योहार मनाना उनके लिए विशेष अनुभव है।
पीएम मोदी ने बस्तर के बदले हालात का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही धरती है, जहां कभी नक्सली आतंक ने आम जनजीवन को प्रभावित कर रखा था। शाम होते ही कई इलाकों में सन्नाटा पसर जाता था। नक्सलियों के डर से लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल तक नहीं कर पाते थे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, तपस्या और बलिदान ने इस तस्वीर को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। आज बस्तर में विकास की नई राह खुल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे। यह लड़ाई केवल हथियारों की नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की भी थी। उन्होंने 2026 की दीपावली को इसलिए ऐतिहासिक बताया कि उनके अनुसार अब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने देश की आंतरिक सुरक्षा में जुटे सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आईआरबी और राज्य पुलिस के जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने बस्तर फाइटर्स के कमांडो और महिला सुरक्षाकर्मियों के साहस को भी विशेष रूप से याद किया। पीएम ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले प्रत्येक जवान का राष्ट्र ऋणी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब कोई जवान देश की सुरक्षा के लिए घर से दूर रहता है, तो उसके परिवार को भी कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जवानों की जिम्मेदारी में उनके परिवार भी बराबर के भागीदार होते हैं। देशवासी जिस सुरक्षित माहौल में त्योहार मनाते हैं, उसके पीछे जवानों और उनके परिवारों का बड़ा योगदान है।
अपने संबोधन के जरिए प्रधानमंत्री ने जवानों को भरोसा दिलाया कि देश उनके त्याग और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। बस्तर की धरती पर जवानों के साथ मनाई गई यह दीपावली नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष और क्षेत्र में बदलते हालात का संदेश देने वाला अवसर बनी।