जेप्टो और जोमैटो (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Zepto और Zomato का ग्राहकों को झटका! मिनिमम ऑर्डर वैल्यू के बदले नियम, जानें अब कितना ढीला करना होगा जेब

Zepto Minumum Order Value: कंपनी अब केवल ऑर्डर्स की संख्या बढ़ाने पर फोकस नहीं कर रही है, बल्कि उसका ध्यान औसत बास्केट वैल्यू बढ़ाने पर भी है ताकि हर डिलीवरी पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके।

मनोज आर्या

Zepto Minimum Order Value: क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो ने फ्री डिलीवरी के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू को 149 रुपये से बढ़ाकर 199 रुपये कर दिया है। यानी की अब यूजर्स को बिना किसी डिलीवरी चार्ज के सामान मंगाने के लिए कम से कम 199 रुपये के प्रोडक्ट्स ऑर्डर करने होंगे।

मीनिमम ऑर्डर वैल्यू में बढ़ोतरी के बाद जेप्टो का फ्री डिलीवरी बेस प्राइस ब्लिंकिट (Blinkit) और इंस्टामार्ट (Instamart) जैसी अपनी दूसरी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बराबर पर आ गई है। इतना ही नहीं, भारी डिमांड वाले पीक ऑवर्स में मिनिमम ऑर्डर वैल्यू बढ़कर 299 रुपये तक हो जाती है।

Zepto ने क्यों किया बदलाव?

कंपनी अब केवल ऑर्डर्स की संख्या बढ़ाने पर फोकस नहीं कर रही है, बल्कि उसका ध्यान औसत बास्केट वैल्यू बढ़ाने पर भी है ताकि हर डिलीवरी पर होने वाले खर्च को कम किया जा सके। दरअसल, कम कीमत वाले ऑर्डर्स पर पैकेजिंग और डिलीवरी बॉय का खर्च निकालना मुश्किल हो जाता है। अब कंपनी के इस नए नियम के चलते ग्राहकों को फ्री डिलीवरी के लिए कार्ट में ज्यदा से ज्यादा का सामान ऐड करना होगा।

Zomato से खाना मंगवाना महंगा

वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो से खाना मंगवाना भी महंगा हो सकता है। दरअसल, कंपनी सस्टेनेबल और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग मटीरियल के इस्तेमाल की योजना बना रही है, अगर यह लागू होता है, तो खाना 10 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक महंगा हो सकता है। जैमैटो के चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि रवि कुमार ने कहा कि कि प्लास्टिक पैकेजिंग से हटने पर ग्राहकों के लिए लागत बढ़ सकती है।

ग्राहकों पर बढ़ेगा अतिरिक्त बोझ

गौरतलब है कि फिलहाल ज्यादातर खाने की डिलीवरी प्लास्टिक के डिब्बों या प्लास्टिक रैपिंग मटीरियल में की जाती है और पैकेजिंग का खर्च आमतौर पर ऑर्डर की कुल कीमत का लगभग 5 प्रतिशत होता है, जिसका बोझ ग्राहक को उठाना पड़ता है। कंपनी की चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर अंजलि कुमार ने कहा कि ज्यादा पर्यावरण- अनुकूल विकल्पों की ओर बढ़ने का फैसला पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं और ग्राहकों की भुगतान करने की क्षमता, दोनों से तय हो रहा है।

इससे पहले बढ़ा था प्लेटफॉर्म फीस

इससे पहले इसी साल के मार्च में जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस लगभग 19% या हर ऑर्डर पर 2.40 रुपये बढ़ा दी थी। जोमैटो के बाद, स्विगी ने भी अपनी प्लेटफार्म फीस 17% बढ़ाकर 17.58 रुपये प्रति ऑर्डर कर दिया था। ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म ग्राहकों को बनाए रखते हुए मार्जिन को बेहतर बनाने के लिए डिलीवरी चार्ज, ऑर्डर लिमिट और दूसरे प्राइसिंग तरीकों के साथ तेजी से एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं।

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