वी अनंत नागेश्वरन, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

AI से नौकरियां खत्म होंगी या मिलेंगी? CEA अनंत नागेश्वरन की चेतावनी, बोले- वक्त रहते संभल जाओ; वरना...

नागेश्वरन ने यह भी कहा कि अवसर की खिड़की अभी खुली हुई है, लेकिन यह हमेशा खुली नहीं रहेगी। इसलिए तुरंत कदम उठाना जरूरी है। उनके अनुसार, यह सिर्फ भविष्य की नौकरियों पर बहस नहीं है।

मनोज आर्या

N Nageswaran On AI: भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर एक अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि एआई को यूं ही अपने हाल पर छोड़कर अपनाने की बजाय, इसे सोच-समझकर और योजना के साथ लागू करना चाहिए। खास तौर पर इसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि एआई का असर भारत की आर्थिक तरक्की और सामाजिक स्थिरता पर पड़ेगा, इसलिए इसे ‘संयोग’ पर नहीं छोड़ा जा सकता।

वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि एआई को अपनाने में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। यह केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि ‘टीम इंडिया’ के रूप में सामूहिक प्रयास होना चाहिए। इसमें निजी क्षेत्र, शिक्षाविद् और नीति-निर्माता सभी को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने खास तौर पर बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने, उच्च गुणवत्ता वाली स्किल्स विकसित करने, श्रम-प्रधान सेवा क्षेत्रों का विस्तार करने और अनावश्यक नियमों व बाधाओं को कम करने पर जोर दिया। उनका मानना है कि अगर कौशल और तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी देश को असली फायदा मिलेगा।

क्यों तुरंत कदम उठाने की जरूरत

नागेश्वरन ने यह भी कहा कि अवसर की खिड़की अभी खुली हुई है, लेकिन यह हमेशा खुली नहीं रहेगी। इसलिए तुरंत कदम उठाना जरूरी है। उनके अनुसार, यह सिर्फ भविष्य की नौकरियों पर बहस नहीं है, बल्कि भारत के विकास और सामाजिक संतुलन के भविष्य का सवाल है। अगर सही पूर्वानुमान, मजबूत संस्थागत अनुशासन और लगातार प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए, तो भारत दुनिया का पहला बड़ा देश बन सकता है जहां मानव और तकनीक मिलकर व्यापक समृद्धि का उदाहरण पेश करें। उन्होंने देश की मौजूदा स्थिति की ओर भी ध्यान दिलाया। हर साल लाखों नौकरियां पैदा हो रही हैं, लेकिन लोगों के कौशल में बड़ी कमी बनी हुई है। बहुत कम लोग औपचारिक स्किल ट्रेनिंग प्राप्त कर पाते हैं।

उन्होंने इसे एक ‘संरचनात्मक कमजोरी’ बताया, जिसे जल्द दूर करना जरूरी है। उनका कहना है कि यह समस्या अपने आप हल नहीं होगी। इसके लिए तात्कालिकता, राजनीतिक इच्छाशक्ति, मजबूत प्रशासनिक क्षमता और बड़े पैमाने पर रोजगार योग्य कौशल के साथ तकनीक अपनाने की स्पष्ट प्रतिबद्धता चाहिए।

यह संबोधन ‘एआई युग में रोजगार का भविष्य’ विषय पर आयोजित सत्र में दिया गया। 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में दुनिया भर के नेता, तकनीकी कंपनियां और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इसका उद्देश्य एआई के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग पर चर्चा करना है।

Cyber Fraud: ऑनलाइन स्कैम के बाद कैसे बचाएं पैसे? 1930 पर कॉल से लेकर ऑनलाइन शिकायत तक जानें जरूरी बातें

राहुल गांधी को री-लॉन्च करने के चक्कर में हो रहा पार्टी का नुकसान, कांग्रेस पर बरसे संजय निरुपम

युवाओं को विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा, राही मासूम रजा की जन्म शताब्दी पर बोले LG मनोज सिन्हा

महाराष्ट्र के येवला से बांग्लादेश पहुंचा शीरे का माल, मध्य रेल को मिला 1.11 करोड़ रुपये का राजस्व

जामिया में छात्र संघ चुनाव को लेकर क्यों गरमाया माहौल? विरोध के बाद ऑफलाइन पढ़ाई ठप, ऑनलाइन क्लास शुरू