सुनील गलगोटिया, (चांसलर, गलगोटिया यूनिवर्सिटी) 
बिज़नेस

चीनी रोबोट विवाद से चर्चा में गलगोटिया यूनिवर्सिटी, जानें कौन हैं इसका मालिक; कितनी है उनकी नेटवर्थ?

Galgotiyas University: चीनी रोबोटिक डॉग विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक और उनकी संपत्ति के बारे में जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है। इंटरनेट पर काफी सर्च किया जा रहा है।

मनोज आर्या

Who Is the Owner of Galgotias University: दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट (India AI Impact Summit) से गलगोटिया यूनिवर्सिटी को बाहर कर दिया गया है। इस समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी बड़े विवाद में फंस गई है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने प्रदर्शनी में ओरियन (Orion) नाम का ‘रोबोट डॉग’ प्रदर्शित किया। यूनिवर्सिटी ने बताया था कि यह रोबोट उनका इनोवेशन है।

इसके बाद से यूनिवर्सिटी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह एक चीनी कंपनी का बना हुआ प्रोडक्ट है। असल में यह रोबोट यूनिट्री (Unitree) कंपनी का यूनिट्री गो2 (Unitree Go2) था। इसे चीन की रोबोटिक्स फर्म यूनिट्री ने बनाया है और भारत में करीब 2 से 3 लाख रुपये में बिकता है। इस विवाद के कारण इस यूनिवर्सिटी के मालिक की भी चर्चा होने लगी है।

यूनिवर्सिटी को देनी पड़ी सफाई

गलगोटिया का एआई समिट में स्टॉल लगा था। यहां यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह ने पहले पहले डीडी न्यूज को बताया था कि यूनिवर्सिटी ने AI में 350 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है और उनके कैंपस में एक खास AI विंग है। उन्होंने Unitree Go2 रोबोटिक डॉग को 'ओरियन' नाम से पेश किया और दावा किया कि इसे गलगोटियास यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने विकसित किया है। बाद में फजीहत होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को सफाई देनी पड़ी। इस मामले को संभालने के लिए नेहा सिंह ने बताया कि यह विवाद इसलिए हुआ क्योंकि शायद बातों को ठीक से समझाया नहीं गया और इरादे को ठीक से समझा नहीं गया।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी के फाउंडर कौन?

गलगोटिया जानी-मानी प्राइवेट यूनिवर्सिटी है जो ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में है। इस यूनिवर्सिटी के फाउंडर और मालिक सुनील गलगोटिया हैं। सुनील गलगोटिया ने ही इस यूनिवर्सिटी की नींव रखी थी। उनके परिवार का 1930 के दशक में कनॉट प्लेस में एक छोटा सा बुक स्टोर हुआ करता था। आजकल गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नेतृत्व उनके बेटे डॉ. ध्रुव गलगोटिया कर रहे हैं।

कब हुई थी गलगोटिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत?

सुनील गलगोटिया ने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से अपनी पढ़ाई पूरी की। 1980 के दशक में उन्होंने एक पब्लिशिंग का काम शुरू किया। उस समय उन्होंने गलगोटियास पब्लिकेशंस की शुरुआत की और बैरन्स SAT, TOEFL, GRE और GMAT जैसी प्रतिष्ठित किताबों के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स हासिल किए। साल 2000 में उन्होंने गलगोटिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (GIMT) की स्थापना की और फिर इसी साल गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की भी शुरुआत की। साल 2011 में उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया।

कितनी है नेटवर्थ?

सुनील गलगोटिया के करियर की शुरुआत बेहद छोटे स्तर से हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें पहली किताब प्रकाशित करने के लिए करीब 9,000 रुपये उधार लेने पड़े थे। उन्होंने साल 2000 में मात्र 40 स्टूडेंट्स के साथ GIMT की स्थापना की थी। आज सुनील गलगोटिया की नेटवर्थ हजारों करोड़ रुपये में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आज सुनील गलगोटिया के कारोबार की वैल्यू करीब 3000 करोड़ रुपये है।

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