शाकाहारी थाली और मांसाहारी थाली (डिजाइन फोटो) 
बिज़नेस

मई में सस्ती हुई घर की शाकाहारी थाली, नॉन वेज थाली के भी घटे दाम

सब्जियों की कीमतें गिरने के कारण मई के महीने में खाने की थाली की कीमतों में भारी कमी आयी है। वेज थाली और नॉन वेज थाली दोनों की ही कीमतों में इस महीने गिरावट देखने के लिए मिल रही है।

अपूर्वा नायक

मुंबई : मई के महीने में सब्जियों का दाम कम होने का असर खाने की कीमतों पर पड़ता हुआ देखा गया है। आपको बता दें कि मई के महीने में घर का बना हुआ खाना सस्ता हुआ। हालांकि इस महीने शाकाहारी थाली की अपेक्षा मांसाहारी थाली की कीमतों में ज्यादा गिरावट आयी है। गुरूवार को जारी रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है।

क्रिसिल इंटेलिजेंस की मासिक 'रोटी चावल दर' रिपोर्ट के अनुसार, घर में बनी वेज थाली की कीमत मई महीने में घटकर 26.2 रुपये हो गई जबकि इस साल अप्रैल के महीने में इसकी कीमत 26.3 रुपये और पिछले साल मई के महीने में 27.8 रुपये थी। पिछले महीने मांसाहारी थाली के मामले में ज्यादा तेजी से गिरावट आने के कारण कम होकर 52.6 रुपये हो गई जो एक साल पहले की समान अवधि में 55.9 रुपये थी। साथ ही अप्रैल 2025 में मांसाहारी थाली 53.9 रुपये की थी।

क्रिसिल इंटेलिजेंस के निदेशक पूषन शर्मा ने कहा है कि आगे चलकर मौसमी बदलावों के कारण सब्जियों की कीमतों में बढ़त की संभावना है और मजबूत घरेलू उत्पादन के बीच गेहूं और दालों की कीमतों में थोड़ी नरमी की उम्मीद की जा रही हैं।

शर्मा ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के कारण एक्सपोर्ट किए जाने वाले चावल की मात्रा में 20-25 प्रतिशत बढ़त होने की उम्मीद है। इस रिपोर्ट में थाली की कीमतों में गिरावट का प्रमुख कारण टमाटर की कीमतों में 29 प्रतिशत, प्याज में 15 प्रतिशत और आलू की कीमतों में 16 प्रतिशत की गिरावट को बताया गया है।

पिछले साल कम पैदावार से जुड़ी चिंताओं के कारण टमाटर की कीमतों में उछाल देखने के लिए मिली थी। साथ ही पश्चिम बंगाल में फसल के संक्रमण से आलू की कीमतें बढ़ गई थीं, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एवं कर्नाटक में रकबे और पैदावार में कमी के अलावा पानी की उपलब्धता ने भी प्याज की कीमतों को बढ़ा दिया था। रिपोर्ट के अनुसार, मांसाहारी थाली की लागत में कमी ब्रॉयलर यानी मुर्गे की कीमतों में 6 प्रतिशत कमी आने से आयी है। ब्रॉयलर की मांसाहारी थाली में कुल लागत का 50 प्रतिशत भारांश होता है।

रिपोर्ट कहती है कि मुर्गे की कीमत में नरमी का कारण महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू की रिपोर्ट के बीच सप्लाई ज्यादा होना और डिमांड में कमी आना है। इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़त और घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 6 प्रतिशत की बढ़त होने से घरेलू थाली की कीमत में ज्यादा गिरावट नहीं आयी है।

अप्रैल की तुलना में मई के दौरान आलू की कीमत 3 प्रतिशत और टमाटर में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि प्याज की कीमतों में 10 प्रतिशत की गिरावट आई। इससे शाकाहारी थाली के दाम में मासिक आधार पर मामूली रूप से कमी आई। रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रॉयलर की कीमतों में भी मासिक आधार पर चार प्रतिशत की गिरावट आने से मांसाहारी थाली की कीमत कम हुई है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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