Highlights:
सेंसेक्स दिन के कारोबार में 206.51 अंक चढ़कर 74,357.55 के स्तर तक पहुंचा।
निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
एफआईआई ने 943 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि डीआईआई ने 1,924 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
Share Market Today: वैश्विक बाजारों में कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आशंकाओं के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू किया।
शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी सीमित तेजी के साथ खुले। हालांकि, कारोबार के दौरान सेंसेक्स 206 अंकों से ज्यादा चढ़ गया। आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर 74,151.04 के मुकाबले 48.65 अंक की बढ़त के साथ 74,199.69 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 27.75 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,964.50 पर कारोबार की शुरुआत की।
गुरुवार को निफ्टी 22,936.75 पर बंद हुआ था। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 206.51 अंक यानी 0.27 प्रतिशत चढ़कर 74,357.55 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी 50 भी 0.25 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,994.70 के स्तर पर पहुंचा।
निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों में ट्रेंट के शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। इसमें करीब 5.8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद इंडिगो, सन फार्मा, इंफोसिस, इटरनल और टीसीएस के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
दूसरी ओर, कोल इंडिया, बीईएल और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ रहा कि बाजार में चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी का रुझान बना हुआ है।
सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही। वहीं, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मेटल, एफएमसीजी, ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
व्यापक बाजार की स्थिति भी कमजोर रही। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.54 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.86 प्रतिशत की गिरावट आई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें हैं। ब्रेंट क्रूड 117 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। रिपोर्टों में 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने की आशंका भी जताई जा रही है।
शुक्रवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 113.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 104.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर लगातार बढ़ते खर्च को लेकर चिंताओं ने वैश्विक निवेशकों की धारणा कमजोर की है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया था। इसके अगले दिन अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख टेक कंपनियों के नतीजों से उम्मीद के मुताबिक संकेत नहीं मिलने के कारण एआई से जुड़ी निवेश संभावनाओं को लेकर भी सतर्कता बढ़ी है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। हाल के दिनों में उनकी बिकवाली का दबाव कुछ कम हुआ था और बीच-बीच में खरीदारी भी देखने को मिली। हालांकि, गुरुवार को एफआईआई ने 943 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी जारी रखी। उन्होंने गुरुवार को 1,924 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ समर्थन मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में बड़ी और लगातार तेजी के संकेत मजबूत नहीं हैं। पिछले सप्ताह मार्जिन फंडिंग के आधार पर बनाई गई लंबी पोजिशनों की जबरन बिकवाली से स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट आई थी।