Highlights:
भारतीय शेयर बाजार में लगातार छठे कारोबारी दिन गिरावट का दबाव बना रहा।
सेंसेक्स 395.99 अंक तक फिसला, जबकि निफ्टी 100 अंक नीचे आया।
IT शेयरों में बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
Stock Market Today: हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण निवेशक सतर्क नजर आए।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 396 अंक तक गिर गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,653 के स्तर तक फिसल गया। हालांकि, स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में तेजी देखने को मिली। सेक्टर के स्तर पर आईटी, सीमेंट और ऑयल एंड गैस शेयरों में बिकवाली रही, जबकि फार्मा, हेल्थकेयर और सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी हुई।
मंगलवार को सेंसेक्स 122.37 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,484.38 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 में 44.40 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 22,708.80 पर खुला।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 395.99 अंक गिरकर 73,210.76 के निचले स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी 50 भी 100 अंक फिसलकर 22,653.20 के स्तर तक आ गया। बाजार में यह लगातार छठा कारोबारी दिन रहा, जब गिरावट का दबाव देखने को मिला।
जहां सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट रही, वहीं व्यापक बाजार में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की तेजी आई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.54 प्रतिशत चढ़ा।
इससे संकेत मिला कि बाजार में सभी शेयरों में एक जैसी बिकवाली नहीं हुई। निवेशकों ने चुनिंदा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी की।
सेक्टरवार कारोबार में आईटी, सीमेंट और ऑयल एंड गैस शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरा। निफ्टी सीमेंट में 0.98 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.53 प्रतिशत की कमजोरी रही।
इसके उलट, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.68 प्रतिशत चढ़ा। निफ्टी फार्मा में 0.44 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर में 0.39 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड का 114 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का करीब 4.97 प्रतिशत पर रहना बाजार के लिए चुनौती बना हुआ है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत में महंगाई बढ़ा सकती हैं और कंपनियों की लागत पर दबाव डाल सकती हैं। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ऊंची रहने से विदेशी निवेशकों का रुख जोखिम वाले बाजारों के प्रति कमजोर पड़ सकता है।
हालांकि, कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों में सुधार और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिल रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी 50 के लिए 22,630 का स्तर महत्वपूर्ण है। यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तो बाजार में रिकवरी की कोशिश जारी रह सकती है। तेजी आने पर 23,000 से 23,500 के स्तर तक पहुंचने का लक्ष्य देखा जा सकता है।
वहीं, 22,630 के नीचे फिसलने पर निफ्टी 22,250 से 22,000 के दायरे तक जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि 22,800 से 22,900 के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 1,462 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगातार दसवें कारोबारी सत्र में खरीदारी जारी रखी और 2,609 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
घरेलू निवेशकों की खरीदारी से भारतीय शेयर बाजार को कुछ समर्थन मिला, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण दबाव बना हुआ है।
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। एसएंडपी 500 में 0.7 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.82 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वहीं, एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला।
आगे बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, मध्य पूर्व के हालात, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों का असर रहेगा। साप्ताहिक और मासिक डेरिवेटिव सौदों की समाप्ति के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।