

Highlights:
सरकार ने हजारों कर्माचारियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत देने की घोषणा की है।
अब कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई है।
इसके साथ ही सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने का भी ऐलान किया है।
Dearness Allowance Hike: दिल्ली सरकार ने हजारों पब्लिक हेल्थ कर्माचारियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत देने की घोषणा की है। अब दिल्ली नगर निगम (MCD) में काम करने वाले कर्मचारियों की न्यूनतम मासिक वेतन बढ़कर 18,000 रुपये कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार की तरफ उन्हें महंगाई भत्ता (DA) भी मिलेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को आधिकारिक रूप से इस का ऐलान किया। कर्मचारियों की बढ़ी हुई सैलरी और महंगाई भत्ता के लिए सरकार पर लगभग 52 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।
बता दें कि दिल्ली सरकार के इस अहम फैसले से दिल्ली नगर निगम में काम करने वाले लगभग 4,000 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इन कर्मचारियों की सैलरी अब पे मैट्रिक्स के लेवल-1 के बेसिक सैलरी यानी 18,000 रुपये के बेस पर तय की जाएगी। इसके अलावा उन्हें नियमानुसार महंगाई भत्ता (डीए) भी दिया जाएगा।
इस फैसले का मकसद समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करना और लंबे समय से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे कर्मचारियों को राहत देना है।
गौरतलब है कि शुरुआत में इन कर्मचारियों की भर्ती डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर के तौर पर हुई थी। राजधानी दिल्ली में डेंगू के फैलते प्रकोप के रोकथाम और उनकी निगरानी के लिए इन्हें नियुक्त किया गया था। हालांकि, बाद इन कर्मचारियों का पदनाम में बदलाव करते हुए मल्टी-टास्किंग स्टाफ (सार्वजनकि स्वास्थ्य) कर दिया गया। हालांकि, पद का नाम बदल जाने के बाद भी ये कर्मचारी पब्लिक हेल्थ से संबंधित ड्यूटी करते रहें।
घर-घर जाकर जांच करना और लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने का काम करते हैं। दिल्ली नगर निगम के कमिश्नर संजीव खिरवार के अनुसार, ये कर्मचारी वर्षों तक दिल्ली में पब्लिक हेल्थ सर्विसेज में अपनी ड्यूटी दे रहे हैं।
दिल्ली मेयर प्रवेश वाही ने कहा कि कर्मचारी की सैलरी में बढोतरी और महंगाई भत्ता देने का प्रस्ताव पिछले बजट में घोषित किया गया था। अब इसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और महंगाई भत्ते का ऐलान किया गया है।
प्रवेश वाही ने बताया कि बढ़ा हुआ वेतन कर्मचारियों के बैंक अकाउंट्स में सीधे ट्रांसफर कर दी गई है। वहीं, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सैलरी बढ़ोतरी और डीए का फैसला उन कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देता है, जिन्होंने दशकों तक दिल्ली में पब्लिक हेल्थ सर्विसेज के लिए काम किया है।