निमहांस (सौ. सोशल मीडिया ) 
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Bengaluru के बाद अब रांची बनेगा देश का दूसरा बड़ा मेंटल हेल्थ हब, निमहांस 2.0 की घोषणा

Budget 2026: बजट 2026 में रांची में NIMHANS 2.0 की घोषणा है। jरांची में 500 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरो साइंस संस्थान बनेगा।

अपूर्वा नायक

NIMHANS 2.0 Establishment in Ranchi: अपने ऐतिहासिक मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों के लिए विश्व विख्यात झारखंड की राजधानी रांची अब एक नई वैश्विक पहचान बनाने जा रही है।

केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रांची में देश के दूसरे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS 2.0) की स्थापना की घोषणा की है। बेंगलुरु स्थित पहले निमहांस के बाद यह अपनी तरह का दूसरा राष्ट्रीय संस्थान होगा, जो विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी भारत की जरूरतों को पूरा करेगा।

ब्रिटिश काल के सीआईपी (CIP) का होगा कायाकल्प

रांची में स्थित केंद्रीय तांत्रिका-मनोचिकित्सा एवं संबद्ध विज्ञान संस्थान (CIP) पिछले 100 से अधिक वर्षों से मनोरोग देखभाल का प्रमुख केंद्र रहा है। 17 मई 1918 को 'रांची यूरोपियन लुनेटिक असाइलम' के रूप में स्थापित यह संस्थान अब एक आधुनिक सुपर स्पेशियलिटी सेंटर में बदलने जा रहा है। संस्थान के निदेशक विजय कुमार चौधरी के अनुसार, केंद्र सरकार को पहले ही एक व्यापक प्रस्ताव भेजा जा चुका है।

500 बिस्तरों वाला अस्पताल और अत्याधुनिक सुविधाएं

निमहांस 2.0 के अंतर्गत रांची के मौजूदा परिसर में एक नए 500 बिस्तरों वाले अस्पताल का निर्माण प्रस्तावित है। यह केवल एक मनोचिकित्सा केंद्र नहीं होगा, बल्कि यहाँ बहु-विषयक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी:

न्यूरो-सर्जरी विभाग: जटिल मस्तिष्क सर्जरी के लिए अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर।

न्यूरोलॉजी विभाग: नसों और मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों का विशेषज्ञ उपचार।

बाल रोग विभाग: बच्चों के मानसिक और तंत्रिका तंत्र से संबंधित विकास पर विशेष ध्यान।

क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों के रूप में उन्नयन

वित्त मंत्री ने संसद में स्पष्ट किया कि उत्तर भारत में वर्तमान में मानसिक स्वास्थ्य के लिए कोई समर्पित राष्ट्रीय संस्थान नहीं है। इस कमी को दूर करने के लिए रांची और तेजपुर (असम) में स्थित संस्थानों को 'क्षेत्रीय शीर्ष संस्थानों' (Regional Apex Institutions) के रूप में उन्नत किया जाएगा। सीआईपी रांची, जो 220 एकड़ के विशाल परिसर में फैला हुआ है, इस योजना के कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है।

झारखंड और पड़ोसी राज्यों को मिलेगा लाभ

इस घोषणा से न केवल झारखंड, बल्कि बिहार, बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों के करोड़ों लोगों को लाभ होगा। वर्तमान में गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के लिए मरीजों को दक्षिण भारत का रुख करना पड़ता है, लेकिन निमहांस 2.0 के आने से अंतरराष्ट्रीय स्तर का इलाज अब रांची में ही उपलब्ध होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी वित्त वर्ष में बजट स्वीकृत होते ही परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा।

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