म्यूचुअल फंड (कांसेप्ट फोटो- सौ. से सोशल मीडिया) 
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Mutual Fund: अब घर बैठे पूरी करे म्यूचुअल फंड की केवाईसी प्रोसेस, ये है पूरी स्टेप्स

घर पर बैठे बैठे इंवेस्टर्स की केवाईसी पूरी कराने की जिम्मेदारी म्यूचुअल फंड हाउस की होती है। हालांकि इसके लिए कस्टमर्स को खुद से अप्लाई करना होता है। इसके लिए डोर टू डोर सुविधा उपलब्ध करानी होती है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : यदि आप भी म्यूचुअल फंड में इंवेस्टमेंट करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आप अपने बैंक अकाउंट या फिर डीमैट अकाउंट को ओपन करवा सकते हैं। केवल 500 रुपये महीने के साधारण निवेश से भी मयूचुअल फंड में पैसा बचाना शुरू कर सकते हैं, हालांकि इसमें मार्केट से जुड़ा रिस्क भी शामिल रहता है। ऐसे में म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए आप घर पर बैठे बैठे भी केवाईसी प्रोसेस पूरी कर सकते हैं। इसे पूरा करने के लिए आप ये प्रोसेस फॉलो कर सकते हैं।

कुछ म्यूचुअल फंड कंपनियों ने अपने कस्टमर्स की केवाईसी पूरी कराने के लिए इंडियन पोस्ट ऑफिस के साथ टाई-अप किया है। इसमें देश के सबसे बड़े म्यूचुअल फंड में से एक निप्पॉन इंडिया भी शामिल है।

सिस्टम कैसे करेगा काम?

इस पार्टनरशिप के अंतर्गत इंडियन पोस्ट ऑफिस ग्राहकों को डोर टू डोर वेरिफिकेशन सुविधा दे सकती है। इसका एक लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को म्यूचुअल फंड में निवेश कराने के लिए जागरुक करना भी है। सरकार के संचार मंत्रालय ने हाल में इस पार्टनरशिप की घोषणा की है। भारतीय डाक विभाग की पहुंच वर्तमान समय में देश के दूरदराज के इलाकों में भी है। ऐसे में इंडियन पोस्ट ऑफिस बहुत बड़े स्तर पर केवाईसी को हैंडल करता है।

केवाईसी क्या होती है ?

प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 के अंतर्गत, मार्केट रेग्यूलेटर सेबी कैपिटल मार्केट को रेगुलेट करती है। केवाईसी के जरिए ही सेबी के पास म्यूचुअल फंड और उसमें इंवेस्टमेंट करने वालों की जानकारी पहुंचती है। केवाईसी का मतलब होता है नो योर कस्टमर यानी अपने ग्राहक को जानो इसमें ग्राहक से जुड़े कई डॉक्यूमेंट्स जैसे आधार कार्ड ,पैन कार्ड और उनका पूरा एड्रेस जैसी जानकारी को वेरिफाई किया जाता है। अगर कोई कस्टमर म्यूचुअल फंड में इंवेस्ट करना चाहता है, तो केवाईसी करना जरूरी होता है।

घर बैठे केवाईसी पूरी ऐसे होगी

घर बैठे इंवेस्टर्स की केवाईसी पूरी कराने की जिम्मेदारी म्यूचुअल फंड हाउस की होती है। हालांकि इसके लिए कस्टमर्स को अप्लाई करना होता है। इसके लिए डोर टू डोर सुविधा उपलब्ध करानी होती है। ये फेसिलिटी विशेष रुप से बुजुर्गों के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है।

संचार मंत्रालय का कहना है कि इससे देश में आम लोगों को इंवेस्टमेंट बढ़ाने में मदद मिल सकती है। ये वित्तीय समावेशन के लिहाज से काफी अहम हो सकता है। इंडियन पोस्ट ऑफिस की इस डोर 2 डोर केवाईसी सर्विस का फायदा ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाली जनता उठा सकती है। इसके जरिए से वह म्यूचुअल फंड मार्केट में इंवेस्ट करके, उसका फायदा उठा सकती है।

स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस

इस फेसिलिटी का फायदा उठाने के लिए आपको रजिस्ट्र्रेशन करवाना होता है। ये केवाईसी ऐप या म्यूचुअल फंड कंपनी की साइट पर करवाया जा सकता है। इसमें आपको अपनी जानकारी जैसे-नाम,पता,नागरिकता,पैन नंबर,आधार नंबर, ईमेल आईडी इत्यादि की जानकारी भरनी होती है। फॉर्म के साथ डॉक्यूमेंट्स की सेल्फ-अटैस्टेड कॉपी जमा करानी होती है। इसके बाद आपके घर पर एजेंट या सरकारी अधिकारी को भेजकर केवाईसी प्रोसेस पूरी कर ली जाती है।

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