Highlights:
14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के नए कनेक्शन पर अस्थायी रोक है।
मांग पूरा करने के लिए रिफाइनरीज ने उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया है।
पारंपरिक सिलेंडर न मिलने पर उपभोक्ताओं के सामने ये विकल्प हैं।
Alternative Cooking Gas Options: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव का असर भारत में भी देखा जा रहा है। इस साल की पहली तिमाही में ही तेल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर के नए कनेक्शन पर पूरी तरह से रोक लगा दी हैं। यानी अभी कोई नया गैस का नया कनेक्शन नहीं ले सकता।
फरवरी 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष के सात महीने बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए ईंधन सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। जिससे ईंधन आपूर्ति को लेकर भारत के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती है।
देश में इस समय ऐसी स्थिति है कि भारी संख्या में लोग 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का नया कनेक्शन लेना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए वह अप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लोगों का सवाल है कि नए एलपीजी कनेक्शन के लिए कब से अप्लाई किया जा सकता है। इस दौरान घरों में खाना बनाने के लिए उनके पास क्या ऑप्शन हैं?
देशभर में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के नए कनेक्शन जारी करने पर तेल कंपनियों और सरकार द्वारा अस्थायी रोक लगाई गई है। यह रोक किसी एक राज्य और शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव और वैश्विक एलपीजी आपूर्ति बाधित होने के कारण पूरे देश में लागू है। दुनिया का 20% तेल और करीब 20% से 25% नेचुरल गैस (LNG) का परिवहन इसी शिपिंग रूट से होता है।
लेकिन, सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि देश में एलपीजी प्रोडक्शन को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पिछले महीने सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट्स में बताया गया है कि घरेलू रिफाइनरीज एलपीजी का उत्पादन बढ़ा रहे हैं। यह उत्पादन औसतन 44,000 टन रोजाना तक पहुंच गया है, जो अगस्त के औसत प्रोडक्शन से लगभग 20 प्रतिशत ज्यादा है।
तेल मार्केटिंग कंपनियों और सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की नई कनेक्शन शुरू करने के को लेकर आधिकारिक तौर पर अबी कुछ नहीं कहा है। हालांकि, आपके पास ईंधन के ऐसे कई विकल्प हैं, जिसके जरिए आप अपने घरों में खाना बना सकते हैं।
इंडेन और एचपी जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 5 किलोग्राम और 10 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी की सुविधा मुहैया करा रही हैं।
सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कई नई सुविधाएं शुरू की हैं। क्विक-सर्विस प्लेटफॉर्म के जरिए 10 किलो वाले गैस सिलेंडर की सप्लाई शुरू की गई है। इंडियन ऑयल ने 'Indane XTRALITE' और एचपी ने 'Navya' की शुरुआत की है। यह पारंपरिक लोहे के सिलेंडरों के मुकाबले 50% तक हल्का है। इसकी बॉडी ट्रांसपरेंट होती है क्योंकि ये फाइबरग्लास कंपोजिट मटेरियल से बने होते हैं।
इंडियन ऑल के इस 10 किलोग्राम कंपोजिट सिलेंडर के नए कनेक्शन के लिए आपको 4,853 रुपये और इसकी रीफिलिंग के लिए 1,667 रुपये का भुगतना करना होता है। आप इसे अपने पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर की तरह बुक कर होम डिलीवरी करवा सकते हैं।
दूसरे विकल्प के तौर पर 5 किलोग्राम वाला छोटू कुकिंग एलपीजी सिलेंडर आसानी से बाजारों में उपलब्ध हैं। इंडेन का 'छोटू', एचपी गैस का 'अप्पू' और भारत गैस का 'मिनी गैस' के नाम से ये किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से खरीद सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि इसके लिए किसी खास डॉक्यूमेंट जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड या किसी डिपॉजिटी की जरूरत नहीं होती। इनके लिए न ही एड्रेस प्रूफ या आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना होता है।
ये 5 किलो वाले फ्री-ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडर को बिना किसी सीमा के साल में जितनी बार चाहें उतनी बार भरवा जा सकता है। इसे रिफिल करवाने में 10 मीनटर से भी कम का समय लगता है।
पारंपरिक 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के नए कनेक्शन न मिलने की स्थिति में पीएनजी एक बेहतर विकल्प है। पाइप्पड नेचुरल गैस को केंद्र सरकार की तरफ से भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका कनेक्शन लेना भी आसान है। इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल की वेबसाइट के जरिए नए पीएनजी कनेक्शन के लिए अप्लाई किया जा सकता है।
यहां आपको एलपीजी से पीएनजी में स्विच करने के विकल्प भी मौजूद हैं। इसके लिए उपभोक्ता को अपने डिस्ट्रीब्यूटर से बातचीत करनी होगी।