ऑपरेशन सिंदूर के बाद से डिफेंस सेक्टर के शेयरों में लगातार बढ़त जारी है। मंगलवार को पब्लिक सेक्टर यूटिलिटी की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल के शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई है। हालांकि सोमवार के कारोबार दिन इस कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने के लिए मिली थी।
आज हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल का शेयर 5,050.10 के ऑल टाइम हाई पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि थोड़ी ही देर के बाद इस कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने के लिए मिली थी और ये दिन के लो लेवल 4,979 के करीब कारोबार कर रहा था।
मंगलवार को आयी गिरावट के साथ एचएएल के शेयर 52 हफ्तों के हाई 5,674.75 रुपये से लगभग 12 प्रतिशत नीचे है। पिछले साल 9 जुलाई को कंपनी के शेयर ने अपने उच्चतम स्तर को छुआ था। हालांकि इसके बाद भी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पर 6,105 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ ओवरवेट की रेटिंग को अब भी बरकरार रखा है। जेपी मॉर्गन ने अपने नोट में लिखा है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड लगातार आगे बढ़ता जा रहा है।
जेपी मॉर्गन फर्म ने ये भी कहा है कि एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके अंतर्गत 5वीं जनरेशन के फाइटर जेट्स भारत में ही बनाए जाने वाले हैं और इसी के साथ भारत का प्लान अपनी इंडियन एयर फोर्स के लिए पुराने फाइटर जेट को नए जेट्स से बदलने का भी है। इस एयरक्राफ्ट को बनाने के लिए प्राइवेट कंपनियों के साथ-साथ ही सरकारी कंपनियों को भी मौका दिया जाएगा।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास ऑर्डरों की किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है। जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट के अनुसार, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के पास वर्तमान समय में लगभग 1,30,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर है। साथ ही, एचएएल के पास 1,89,000 करोड़ रुपये की ऑर्डर बुक है, जो वित्त वर्ष 2025 के रेवेन्यू का 6.1 गुना है।