अमेरिका ने रूसी तेल पर नए प्रतिबंध लगाए (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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रूसी तेल पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! भारतीय कंपनियों में मची होड़, सरकार जल्द खत्म करेगी सस्पेंस

India US Oil Imports: अमेरिका ने रूस की तेल कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं, जिससे भारत की ऊर्जा नीति पर असर पड़ सकता है। रिफाइनर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खरीद बढ़ा रहे हैं।

अक्षय साहू

US Russian Oil Sanctions: अमेरिका ने रूस की तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। इन कंपनियों पर नए प्रतिबंध 21 नवंबर से लागू होंगे। अमेरिका का यह कदम रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर कड़ा दबाव डालने के उद्देश्य से उठाया गया है, जो यूक्रेन संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाला है। इस कदम से भारत की ऊर्जा नीति पर भी प्रभाव पड़ सकता है, क्योंकि भारत रूस से कच्चा तेल आयात करने वाला प्रमुख देश है।

भारत के रिफाइनर, जिनमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और नायरा एनर्जी जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं, नवंबर में प्रतिबंधों से पहले पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपनी खरीदी बढ़ा रहे हैं। अक्टूबर में भारत ने प्रतिदिन 16.2 लाख बैरल रूसी कच्चा तेल आयात किया, जो सितंबर के बराबर है। रिफाइनर अब अपनी अनुबंधित खेपों को सुरक्षित करने की जल्दबाजी में हैं, जिससे आयात में और वृद्धि हो सकती है।

रास्ता तलाशने में जुटी कंपनियां

नायरा एनर्जी, जो रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट का समर्थन करती है, ने अक्टूबर में अपनी कच्चे तेल की पूरी आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है। इससे पहले यह कंपनी कुछ महीनों तक सीमित आपूर्ति का सामना कर रही थी। अब, प्रतिबंधों के लागू होने से पहले, नायरा जैसी कंपनियां अपने तेल के स्रोतों को सुरक्षित करने के लिए सक्रिय हो गई हैं।

भारत की सरकार ने कहा है कि वह ऊर्जा सुरक्षा और उपभोक्ताओं की सामर्थ्य को प्राथमिकता देती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि रिफाइनर अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार कच्चे तेल के वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र हैं। भारत, जो अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल उपभोक्ता है, रूस से आपूर्ति में कमी आने पर अन्य स्रोतों से तेल प्राप्त करने की योजना बना रहा है।

अमेरिका से तेल आयात बढ़ा

अगर नवंबर के बाद रूस से तेल की आपूर्ति में कमी आती है, तो भारत इराक, सऊदी अरब, यूएई, लैटिन अमेरिका और पश्चिम अफ्रीका जैसे क्षेत्रों से तेल आयात बढ़ा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर में भारत ने अमेरिकी कच्चे तेल का आयात तीन गुना बढ़ाकर लगभग 5,68,000 बैरल प्रति दिन कर लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अपनी ऊर्जा नीति में रणनीतिक लचीलापन बनाए रखते हुए, बाजार की मांग और आपूर्ति को संतुलित करेगा।

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