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Zomato के शेयरों में तूफानी तेजी, ऑल टाईम हाई का बनाया रिकॉर्ड; ये है असली वजह

Zomato Share: इटर्नल ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जिसमें कंपनी के नेट प्रॉफिट में 90 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की है, जिससे उसकी इनकम घटकर 25 करोड़ रुपये रह गई।

मनोज आर्या

Eternal Share Price: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी इटर्नल लिमिटेड (पूर्व में जोमैटो) के शेयरों ने मंगलवार, 22 जुलाई को शुरुआती कारोबार में एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए हाई लेवल पर पहुंच गए। इससे पहले सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के नतीजे सामने आने के बाद कंपनी के शेयरों में सात प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई थी।

इटर्नल ने वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 90 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की, जिससे उसकी कमाई एक साल पहले के 253 करोड़ रुपये से घटकर 25 करोड़ रुपये रह गई। मुनाफे में गिरावट के बावजूद, इसी अवधि में रेवेन्यू साल-दर-साल 70 प्रतिशत बढ़कर 7,167 करोड़ रुपये हो गया है।

11 प्रतिशत उछला इटर्नल का शेयर

सुबह 09.40 बजे, कंपनी के शेयर एनएसई पर 11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 311.25 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। ब्लिंकिट ने पहली तिमाही में 2,400 करोड़ रुपये का रेवेन्यू बनाया, जो ज़ोमैटो के फूड डिलीवरी के कमाई 2,261 करोड़ से ज्यादा था। इस तिमाही के लिए कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 115 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 35 प्रतिशत कम है।

पांच महीने के हाई लेवल पर स्टॉक

पिछले सत्र में मैनजेमेंट की पॉजिटिव कमेंट ने इटर्नल के शेयर को पांच महीने के हाई लेवल पर पहुंचा दिया। कंपनी ने कहा कि ब्लिंकिट का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) पहली बार जोमैटो से आगे निकल गया। सीएफओ अक्षंत गोयल ने कहा कि हमारे B2C ऑपरेशनल अब वार्षिक NOV में लगभग 10 बिलियन डॉलर तक पहुंच गए हैं, जिसमें क्विक कॉमर्स का योगदान लगभग आधा है।

ब्रोकरेज फर्म ने दी खरीदारी की सलाह

कंपनी का नेट प्रॉफिट बिजनेस में 90 प्रतिशत तक गिर जाने के बावजूद, कई ब्रोकरेज फर्म इटर्नल के शेयरों पर आशावादी बने रहे। अंतर्राष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म जेफरीज़ ने कंपनी के लिए अपने दृष्टिकोण को 'BUY' कर दिया है और लक्ष्य मूल्य बढ़ाकर 400 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि पहली तिमाही का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन मैनेजमेंट की ओर से आया बयान उल्लेखनीय रूप से सकारात्मक रहीं।

फूड डिलीवरी सेक्टर ग्रोथ की धीमी रफ्तार

बता दें कि विकास दर मज़बूत बनी हुई है और प्रतिस्पर्धी दबाव कम होने से मार्जिन परिदृश्य में सुधार हुआ है। हालांकि फूड डिलीवरी सेक्टर में ग्रोथ धीमी रही है, कंपनी की मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अल्पकालिक मार्जिन सीमित दायरे में रहेंगे और इसमें तेज़ी आएगी।

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