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टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत, ITR फाइलिंग की डेडलाइन बढ़ी; जानें कब तक भर सकते हैं आईटीआर

Income Tax Return: आईटीआर फाइल करने की तारीख एक दिन बढ़ाए जाने से टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन विभाग ने सभी से अपील की है कि अपना इनकम टैक्स रिटर्न समय रहते भर दें।

मनोज आर्या

Income Tax Return Filing Deadline: आयकर विभाग ने आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख एक दिन बढ़ा दी है। अब इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन 16 सितंबर 2025 हो गई है, जो कि पहले 15 सिंतबर थी। इससे पहले आईटीआर फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2025 थी, जिसे पहले ही आगे बढ़ा दिया गा था।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को अब एक दिन बढ़ाकर 16 सितंबर कर दिया गया है। ये फैसला उन टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए लिया गया है जिन्हें इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण रिटर्न भरने में दिक्कत आ रही थी।

टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत

आयकर विभाग ने यह भी बताया कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर जरूरी अपडेट और बदलाव करने के लिए 16 सितंबर को रात 12:00 बजे से सुबह 2:30 बजे रखरखाव का कार्य किया जाएगा। आईटीआर फाइल करने की तारीख एक दिन बढ़ाए जाने से टैक्सपेयर्स को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन विभाग ने सभी से अपील की है कि अपना इनकम टैक्स रिटर्न समय रहते भर दें, ताकि आखिरी समय पर तकनीकी समस्याओं या पेनल्टी से बचा जा सके।

ITR फाइलिंग में देरी पर जुर्माने का प्रावधान

आयकर रिटर्न समय पर दाखिल करना इसलिए जरूरी है, ताकि किसी एक्स्ट्रा पे जुर्माने से बचा जा सके। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 234F के तहत निर्धारित डेडलाइन के बाद रिटर्न फाइल करने वाले ऐसे टैक्सपेयर्स जिन पर टैक्स देनदारी है, उन पर जुर्माना लगाया जाता है। अगर किसी टैक्सपेयर की कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है, तो फिर देर से आईटीआर फाइल करने पर 5000 रुपये तक जुर्माना लगेगा। वहीं, जिनकी आय लाख रुपये से कम है, उन्हें 1,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ता है।

बता दें कि समय पर आयकर रिटर्न नहीं भरने पर सिर्फ पेनल्टी ही नहीं, बल्कि कई अन्य समस्याएं भी सामने आती हैं। सेक्शन 234F के तहत बकाया पर हर महीने सिर्फ 1% का ब्याज देना पड़ता है। इसके अलावा देर से रिटर्न भरने पर प्रोसेसिंग में भी ज्यादा समय लगता है और रिफंड मिलने में भी देरी होती है। अगर जानकारी छिपाई जाए या गलत दी जाए तो इनकम टैक्स एक्ट के तहत जेल की सजा भी हो सकती है। गंभीर मामलों में 3 महीने से लेकर 2 साल तक की सजा का प्रावधान है।

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