रियल इस्टेट (सौजन्य-पिनटरेस्ट) 
बिज़नेस

साल की तीसरी तिमाही में रियल इस्टेट में 45% बढ़ा निवेश, कोलियर्स ने जारी की रिपोर्ट

रियल इस्टेट क्षेत्र में हाल ही के महीनों में निवेश बढ़ रहा है। पिछले तीन महीने की बात करें जुलाई से सितंबर की तो रियल इस्टेट में संस्थागत निवेश 45% बढ़कर लगभग 1.15 अरब डॉलर हो गया है। कोलियर्स ने रिपोर्ट में कहा कि कुल मिलाकर घरेलू निवेश 50 करोड़ डॉलर पर मजबूत रहा है, जो जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कुल प्रवाह का 44% है।

प्रिया जैस

नई दिल्ली: रियल इस्टेट क्षेत्र में हाल ही के महीनों में निवेश बढ़ रहा है। पिछले तीन महीने की बात करें जुलाई से सितंबर की तो रियल इस्टेट में संस्थागत निवेश 45% बढ़कर लगभग 1.15 अरब डॉलर हो गया है। रियल इस्टेट की एक सलाहकार कंपनी कोलियर्स इंडिया की एक रिपोर्ट देखें तो इसके जारी आंकड़ों के अनुसार निवेशक प्रीमियम घरों और कार्यालयों की बढ़ती मांगों को भुनाने की कोशिशे कर रहे हैं।

इन आंकड़ों के अनुसार  रियल एस्टेट में संस्थागत निवेश में बढ़ोतरी हुई है। इसके अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच रियल इस्टेट में संस्थागत निवेश 114.87 करोड़ डॉलर रहा, इसके ठीक एक साल पहले यही आंकड़ा इसी अवधि में 79.34 करोड़ डॉलर था।

कोविड के बात बढ़ी मांग

कंपनी ने बताया कि कुल रियल इस्टेट के बाजार को देखे तो अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों में से कार्यालय खंड ने केवल इस साल के तीसरे माह के दौरान 61.63 करोड़ डॉलर का कारोबार की ओर ध्यान आकर्षित किया है, जोकि एक साल पहले की इसी तिमाही की 7.91 करोड़ डॉलर से सात गुना ज्यादा है।  कोविड महामारी के बाद से आवासीय क्षेत्र की मांग में बढ़ोतरी देखी गई है। इसमें निवेश में 40% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो अभी 27.46 करोड़ डॉलर से बढ़कर 38.48 करोड़ डॉलर हो गया है।

औद्योगिक क्षेत्र में गिरावट

वहीं औद्योगिक और भंडारण क्षेत्र में कोष प्रवाह में गिरावट देखी गई है, जोकि 72% है। यह पिछले साल की सितंबर तिमाही के 34.03 करोड़ डॉलर के मुताबिक घटकर इस साल तिमाही में 9.52 करोड़ डॉलर रह गया है। इसके अलावा मिश्रित उपयोग परियोजनाओं की बात करें तो इसमें निवेश बढ़ा है। इसमें निवेश 2.72 करोड़ डॉलर से लगभग दोगुना होकर 5.24 करोड़ डॉलर हो गया है।

वैकल्पिक परिसंपत्तियों को जुलाई-सितंबर की इस तिमाही में कोई वित्त पोषण प्राप्त नहीं हुआ, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में 7.22 करोड़ डॉलर प्राप्त हुआ था। इस श्रेणी में डेटा सेंटर, जीवन विज्ञान, अवकाश गृह, छात्रावास और स्कूल आदि आते हैं।

कोलियर्स ने कहा

कोलियर्स ने रिपोर्ट में कहा कि कुल मिलाकर घरेलू निवेश 50 करोड़ डॉलर पर मजबूत रहा है, जो जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान कुल प्रवाह का 44%  है। कोलियर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक (पूंजी बाजार एवं निवेश सेवा) पियूष गुप्ता ने कहा, “भारतीय रियल्टी में संस्थागत प्रवाह निरंतर बना हुआ है, जो निवेशकों के निरंतर विश्वास को दर्शाता है। निवेशक वैश्विक और घरेलू पूंजी के बीच अच्छी तरह से विविधतापूर्ण हैं। जबकि कार्यालय परिसंपत्तियों पर मुख्य ध्यान दिया गया है, औद्योगिक और भंडारण और आवासीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण गति प्राप्त हो रही है।”

(एजेंसी इनपुट के साथ)  

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