Controversy Over Lalu Yadav's Statement: शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के गयाजी में बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। उस दौरान पीएम मोदी ने बिहार के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर जमकर हमला बोला। पीएम मोदी ने जंगलराज के दिनों का भी जिक्र किया। वहीं दूसरी तरफ राजद प्रमुख लालू यादव ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट शेयर किया। जिसको लेकर बिहार में सियासी घमासान शुरू हो गया है।
राजद प्रमुख और बिहार पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के एक विवादित पोस्ट ने सियासी हलचल बढ़ा दी। लालू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'प्रधानमंत्री गयाजी आए हैं जदयू की पिंडदान करने।'
लालू यादव के इस बयान पर एनडीए नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, 'लालू यादव हमेशा इसी तरह की भाषा के लिए जाने जाते हैं। 15 साल तक उन्होंने बिहार में जंगल राज कायम किया। उस दौर में लोग कम पढ़े-लिखे थे, लेकिन अब लोग शिक्षित हो गए हैं, जागरूक हो गए हैं। अब ऐसे बयानों से कोई भ्रमित नहीं होता। आज बिहार में डबल इंजन की सरकार है, जो विकास कर रही है और जनता अब एनडीए के साथ है।' मांझी ने आगे कहा, 'हम इमामगंज के विधायक रहे हैं। पहले डुमरिया जैसे इलाकों में शाम 3 बजे के बाद कोई नहीं जाता था, लेकिन आज वहां विकास पहुंचा है। जनता अब समझ चुकी है कि परिवारवाद और जातिवाद नहीं, विकास ही असली राजनीति है।'
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी लालू यादव की टिप्पणी की निंदा की और कहा, 'यह कैसी भाषा है? विपक्ष अगर सवाल उठाना चाहता है, तो नीतियों पर सवाल उठाए। लेकिन ‘पिंडदान’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल मुख्यमंत्री के लिए करना गलत है। मैं इसकी निंदा करता हूं।' उन्होंने कहा, 'लालू यादव और उनकी पार्टी जातिवाद, क्षेत्रवाद और संप्रदायिकता की राजनीति करते हैं, जबकि एनडीए की सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम कर रही है। जिन लोगों ने समाज को बांटने की राजनीति की है, उन्होंने ही बिहार और देश को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।'