प्रशांत किशोर (सोर्स सोशल मीडिया) 
बिहार

गिरिराज के गढ़ में PK की हुंकार, NDA-नीतीश पर किया चौतरफा प्रहार, बताया- क्यों काटे जा रहे हैं वोट?

Prashant Kishor in Begusarai: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा और सत्ताधारी दल चुनाव आयोग की मिलीभगत से समाज के वंचित, गरीब और प्रवासी लोगों के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं।

अभिषेक सिंह

Prashant Kishor: जन सुराज के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर बुधवार को अपनी बिहार बदलाव यात्रा के दौरान बेगूसराय के बखरी पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह पर हमला बोला। प्रशांत किशोर ने गिरिराज सिंह के उस बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी दल चुनाव आयोग की SIR को लेकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा और सत्ताधारी दल चुनाव आयोग की मिलीभगत से समाज के वंचित, गरीब और प्रवासी लोगों के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार जानती है कि बिहार से बाहर काम करने गए बच्चे वापस लौटने पर एनडीए के खिलाफ वोट देंगे। इसीलिए उनके नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।

'जितने वोटर्स बचे उतने ही काफी'

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिसके पास आधार है, उसे वोट देने का अधिकार है। चुनाव आयोग किसी की नागरिकता तय नहीं कर सकता। जिनके नाम हटाए जाएंगे, हम उनके लिए लड़ेंगे, लेकिन नाम हटने के बाद भी जितने लोग बचेंगे, वह भाजपा और नीतीश कुमार को हटाने के लिए काफी है।

मुंगेर में भी मारी जोरदार दहाड़

मुंगेर के जमालपुर में जनसभा की अनुमति मिलने में आ रही दिक्कत के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता को किसी अनुमति की ज़रूरत नहीं है। हम जामवंत हैं और जनता हनुमान है। इस दौरान प्रशांत किशोर ने हुंकार भरते हुए कहा हम जनता को उसकी ताकत दिखाने आए हैं।

और क्या कुछ बोले प्रशांत किशोर?

प्रशांत किशोर ने आग कहा कि ये जनता की ही ताकत है कि जन सुराज आते ही बुज़ुर्गों की पेंशन जो 20 साल से 400 रुपये थी, बढ़ गई, आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ गया। रसोइयों का वेतन दोगुना हो गया। अब डोमिसाइल लागू होने जा रहा है। इससे पता चलता है कि लोकतंत्र में अगर कोई अच्छा विकल्प हो, तो जनता को कितना फ़ायदा होगा!

डोमिसाइल नीति पर कही बड़ी बात

बिहार में लागू डोमिसाइल नीति में सिर्फ़ 85% आरक्षण के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि ये भी सिर्फ़ TRE-4 के लिए है। अभी ये सबके लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने 2023 में प्रधानमंत्री बनने के लालच में डोमिसाइल हटा दिया था। जिसके बाद 3 लाख शिक्षकों की बहाली हुई, जिनमें से ज़्यादातर बिहार से बाहर के थे।

अब बिहार में विधानसभा चुनाव हैं, तो कह रहे हैं कि TRE-4 में डोमिसाइल के लिए बदलाव किए जाएंगे, लेकिन इससे काम नहीं चलेगा। जन सुराज की मांग है कि बिहार में कम से कम दो-तिहाई डोमिसाइल आरक्षण दिया जाए और यह हमेशा के लिए लागू हो।

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