मैथिली ठाकुर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया) 
बिहार

‘मैथिली ठाकुर’ क्या बन पाएगी विधायक! बीजेपी ने अलीनगर सीट से खेला है बड़ा दांव

Bihar Assembly Elections: बिहार की लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर अब राजनीति में उतर चुकी हैं। बीजेपी ने उन्हें अलीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है।

अमन उपाध्याय

Maithili Thakur Alinagar Assembly Constituency:  बिहार की सबसे लोकप्रिय युवा लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने संगीत की दुनिया में सफलता के झंडे गाड़ने के बाद अब राजनीति के मैदान में कदम रख दिया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले उनका भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होना और अलीनगर सीट से टिकट पाना, राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ है।

बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं, खासकर नित्यानंद राय और विनोद तावड़े से उनकी मुलाकात के बाद से ही इन चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया था। आज की तारीख में मैथिली ठाकुर केवल एक गायिका नहीं, बल्कि एक बड़ा ब्रांड और बिहार की युवा अस्मिता का प्रतीक बन चुकी हैं।

लोक गायिका का परिचय और संगीत विरासत

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी इलाके में हुआ था। उन्हें बचपन से ही गीत-संगीत का समृद्ध माहौल मिला। उनके पिता, रमेश ठाकुर, स्वयं एक संगीतज्ञ हैं, और उनकी माता, पूजा ठाकुर, गृहणी हैं। मैथिली को भारतीय शास्त्रीय संगीत के अलावा लोक गीतों को सुरों में बांधने की ट्रेनिंग अपने पिता और दादा जी से मिली। मैथिली अपने भाई ऋषभ ठाकुर और छोटे भाई अयाची ठाकुर के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदर्शन कर चुकी हैं। उन्हें अक्सर उनके मधुर गायन के लिए जूनियर बिहार कोकिला कहा जाता है और वह मैथिली भाषा, भोजपुरी और हिंदी में लोक गीतों के गायन में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं।

करोड़ों की इनकम और नेटवर्थ

मैथिली ठाकुर न केवल कला के क्षेत्र में सफल हैं, बल्कि वह एक सफल व्यवसायी भी हैं। उनकी आय और नेटवर्थ चौंकाने वाली है।

मंथली इनकम: रिपोर्ट के अनुसार, मैथिली हर महीने 12 से 15 शो करती हैं, जिससे उनकी मंथली इनकम 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।

सोशल मीडिया कमाई: सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता जबरदस्त है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके फॉलोअर्स मिलियन में हैं। बताया जाता है कि वह एक प्रायोजित पोस्ट के लिए लगभग 50 लाख रुपये तक चार्ज करती हैं।

कुल मिलाकर, मैथिली ठाकुर की नेटवर्थ करोड़ों में है, जो उन्हें चुनाव लड़ने वाले सबसे अमीर युवा उम्मीदवारों में से एक बनाती है।

शिक्षा का सफर: गांव से दिल्ली विश्वविद्यालय तक मैथिली ठाकुर की शिक्षा यात्रा उनके समर्पण को दर्शाती है।

शुरुआती पढ़ाई: उन्होंने अपने गांव से शुरुआती शिक्षा प्राप्त की।

दिल्ली प्रवास: लगभग 12-13 साल की उम्र में उनका परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया, जिसके बाद उनका एडमिशन MCD स्कूल में हुआ, जहां से उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

उच्च शिक्षा: इसके बाद उन्होंने बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। 12वीं पास करने के बाद, मैथिली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज (ARSD) से बैचलर की डिग्री प्राप्त की।

खादी ब्रांड एंबेसडर और सम्मान

2024 में, बिहार की इस लोकप्रिय युवा लोक गायिका को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड ने उन्हें अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था, जिसने उन्हें राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान से जोड़ा। इससे पहले, उन्हें संगीत नाटक अकादमी के प्रतिष्ठित उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

मुंह पर पट्टी, मोबाइल टॉर्च...रांची की सड़कों पर छात्रों का अनोखा प्रदर्शन, निकाला 2 किमी लंबा मौन मार्च

धर्म और जीवनसाथी चुनना निजी हक, आगरा धर्मांतरण कांड में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; पुलिस की कार्रवाई पर उठा सवाल

आज की ताजा खबर 11 अगस्त LIVE: हंगामे के कारण लोकसभा कल तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में चर्चा जारी

सड़क से संसद तक JPSC-JSSC पर हंगामा, छात्रों के आंदोलन से रांची में गरमाई सियासत; तस्वीरों में देखें

TMC को बड़ा झटका! बैंक खाते फ्रीज केस में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ED के एक्शन को दी गई थी चुनौती