कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव, फोटो- सोशल मीडिया 
बिहार

'वोटर अधिकार यात्रा' के मंच से पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी, भाजपा ने बोला हमला

Bihar में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ इन दिनों राजनीतिक चर्चा का केंद्र बनी हुई है, लेकिन अब यह यात्रा विवादों में घिरती नजर आ रही है। जानिए क्यों।

प्रतीक पाण्डेय

Bihar Assembly Election 2025: वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मंच से कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है और भाजपा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है।

भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी ने आरोप लगाया कि यात्रा के मंच से न केवल प्रधानमंत्री मोदी के लिए, बल्कि उनकी स्वर्गीय माताजी के प्रति भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। भाजपा ने इसे राजनीति का "सबसे नीच और शर्मनाक स्तर" करार दिया और कहा कि इस तरह की भाषा न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि पूरे देश का अपमान है।

सार्वजनिक रूप से माफी मांगें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव: भाजपा

भाजपा का कहना है कि यह यात्रा अब "वोटर अधिकार" से हटकर "अपमान और नफरत" की यात्रा बन चुकी है। पार्टी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से मांग की है कि वे इस अभद्रता के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। भाजपा ने तीखे शब्दों में कहा, "अगर राहुल और तेजस्वी यादव हजार बार भी माफी मांगें, तो भी बिहार की जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। यह बेहद शर्मनाक है!"

किन नेताओं पर लग रहे हैं आरोप

भाजपा ने साथ ही आरोप लगाया कि इस मंच से पहले भी ऐसे नेता बुलाए गए हैं जिन्होंने बिहार और उसकी जनता का अपमान किया था। उदाहरण के तौर पर डीएमके नेता स्टालिन और तेलंगाना के नेता रेवंत रेड्डी का जिक्र करते हुए कहा गया कि इन नेताओं के बयानों से बिहारवासियों को ठेस पहुंची थी, और अब यात्रा के मंच से प्रधानमंत्री के परिवार पर हमला कर राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दी गई हैं।

इस विवाद के बाद अब सभी की नजर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया पर टिकी है। अभी तक इस मामले में दोनों नेताओं की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन भाजपा की आक्रामक प्रतिक्रिया को देखते हुए राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

1 सितंबर को होगा वोटर अधिकार यात्रा का समापन

गौरतलब है कि राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी। यह यात्रा 16 दिनों में करीब 20 जिलों से गुजरते हुए 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और इसका समापन 1 सितंबर को पटना में एक बड़ी जनसभा के साथ होगा। इस यात्रा का उद्देश्य संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकार को लेकर जनता को जागरूक करना बताया गया है, लेकिन अब यह यात्रा राजनीतिक गरमाहट और तीखी बयानबाजी का कारण बनती जा रही है।

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