Bihar Assembly Elections 2025: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) LJP(R), जिसका नेतृत्व चिराग पासवान करते हैं यह पार्टी बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभरी है। 2021 में मूल LJP में विभाजन के बाद इस पार्टी का गठन हुआ। इस विधानसभा चुनाव में उनको अपनी पार्टी को बिहार में स्थापित करने की चुनौती है। फिलहाल बिहार विधानसभा में इनका कोई विधायक नहीं है।
आपको याद होगा कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने NDA से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया था। उन्होंने मुख्य रूप से JDU के खिलाफ उम्मीदवार उतारे, जिसने JDU के प्रदर्शन को काफी नुकसान पहुंचाया और JDU की सीटें 71 (2015) से घटकर 43 (2020) रह गईं। हालांकि, LJP खुद केवल एक सीट ही जीत पाई। आगामी 2025 के विधानसभा चुनावों में NDA गठबंधन के एक मजबूत सहयोगी की भूमिका निभा रही है। माना जा रहा है कि LJP(R) बिहार में सत्ता समीकरणों को प्रभावित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का नवगठन 2021 में चिराग पासवान के नेतृत्व में तब करना पड़ा जब पार्टी के अंदर फूट पड़ी और भारत के चुनाव आयोग ने पहले की मुख्य लोक जनशक्ति पार्टी का चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया और दोनों गुटों को नया नाम और निशान दे दिया। अब लोक जनशक्ति पार्टी दो अलग-अलग गुटों में विभाजित हो गयी। पहला गुट लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास दूसरा राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने बिहार के अलावा कई और जगहों पर चुनाव लड़ाए। नागालैंड में 15 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे, जिसमें पुघोबोटो और टोबू से दो उम्मीदवार जीते और आठ अन्य सीटों पर आठ उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। पार्टी को नागालैंड में कुल वोटों का लगभग 8.65% के साथ "राज्य पार्टी" का दर्जा मिला था। इसके साथ ही साथ झारखंड में भी पार्टी ने चत्रा विधानसभा क्षेत्र से नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के हिस्से के रूप में 1 उम्मीदवार खड़ा किया। इसने जिस एकमात्र सीट पर चुनाव लड़ा था, उससे जीत हासिल की और इसका कुल वोट शेयर 0.61% रहा। 2024 के लोकसभा चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 5 सीटों पर एनडीए के साथ चुनाव लड़ा और सभी सीटों पर जीत हासिल की।