पटना में विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार

दिल्ली और रांची के बाद पटना में बवाल, सीएम आवास के करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्र; पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Patna Student Protest: प्रदर्शन कर रहें छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।

मनोज आर्या

Patna Student Protest: बिहार के पटना में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 70वीं BPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात थे और छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश कर रहे थे तो पुलिस ने उन पर वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया।

हालांकि, घटना के तुरंत बाद सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली सरकार की ओर से कहा गया कि छात्रों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सरकार ने ध्यान दिया है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई पुरानी मांगें अभी भी अनसुलझी हैं और उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा।

सरकार के खिलाफ छात्रों का राजभवन मार्च

राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहें छात्रों ने गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च किया। पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। क्योंकि प्रदर्शनकारी छात्र प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करने की कोशिश में बैरिकेड्स भी तोड़ दिए।

इस विरोध प्रदर्शन ने भर्ती परीक्षाओं में देरी, टीचर भर्ती परीक्षा-4 (TRE-4) के प्रस्तावित फॉर्मेट, कथित पेपर लीक और बिहार के भर्ती सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता की मांगों को भी सामने लाया है।

'छात्रों की लगभग सभी मांगे मान ली गई है'

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों के उठाए गए मुद्दों को सुलझा लिया है और आगे बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। छात्र जिन मुद्दों को लेकर धरना दे रहे थे, उनसभी पर बात हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं है कि छात्र आंदोलन ही इसका अकेला कारण था; सरकार का इरादा हमारे युवाओं की समस्याओं को समय पर हल करना है। हमने युवाओं के उठाए गए हर मुद्दे पर ध्यान दिया है।

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि मुझे यह सुनकर हैरानी हुई कि एक ऐसा व्यक्ति जिसने कभी बोर्ड का एग्जाम भी नहीं दिया, वह एग्जाम पर सुझाव दे रहा है। इसलिए मैं तेजस्वी यादव से कहूंगा कि वह बिहार के किसी सरकारी स्कूल में एडमिशन लें, दसवीं का एग्जाम पास करें और फिर एग्जाम पर हमें सुझाव देने आएं।

प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की अपील

मिथिलश तिवारी ने आगे कहा कि हमने छात्रों की लगभग सभी मांगें पूरी कर दी हैं। जो भी छात्र सरकार को और कुछ बताना चाहते हैं, उनके लिए बातचीत के दरवाज़ खुले हैं। छात्र आएं, बात करें और अपने मुद्दे सुलझाएं। सरकार उनकी है।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी चिंताओं पर पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया गया है और शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा पेपर लीक और भर्ती में देरी से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।

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