

Bihar Students Protest: बिहार में सरकार और छात्रों के बीच भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार ने छात्रों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद भी छात्रों ने आज अपनी मांगों को लेकर पटना में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का ऐलान किया है।
पटना में हाल ही में आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों और सरकार के बीच एक अहम बैठक हुई। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई। बैठक खत्म होने के बाद छात्र नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि छात्र संगठनों और सरकार के बीच जो दूरी बनी हुई थी, वह अब लगभग खत्म होने की स्थिति में है।
हालांकि, छात्रों ने 25 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री आवास घेराव के कार्यक्रम को रद्द करने से इनकार कर दिया। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम पहले से तय था और इसे टाला नहीं जा सकता। सीएम आवास का घेराव पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक ही होगा। छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार के साथ हमारी बैठक सकारात्मक रही, जिसके लिए वे सरकार और अधिकारियों का धन्यवाद करते हैं। लेकिन छात्रों की मांगों को लेकर सीएम आवास का घेराव किया जाएगा।
छात्र बीते कई दिनों से पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हैं। छात्र 70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इसके अलावा आंदोलनकारी छात्र टीचरों की भर्ती वाली परीक्षा TRE-4 से पीटी-मेंस और निगेटिव मार्किंग को हटाने की भी मांग कर रहे हैं। सरकार मामले को सुलझाने के लिए लगातार छात्र संगठनों से बातचीत कर रही है।
डोमिसाइल नीति और आयु सीमा बढ़ाने की मांग।
TRE-4 शिक्षक भर्ती की एकल यानी एक ही परीक्षा ली जाए। पीटी-मेंस न हो।
70वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द की जाए।
BPSC, दारोगा सहित सभी परीक्षाओं में पारदर्शिता हो।
सरकारी भर्तियों में उम्र सीमा में छूट दी जाए।
जानकारी के मुताबिक, छात्रों के साथ हुई बैठक में बिहार सरकार ने इनमें से अधिकतर मांगों को मानने पर अपनी सहमति जता दी है। हालांकि, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने साफ किया है कि TRE-4 से पीटी और मेंस का फैसला बदलेगा नहीं और नेगेटिव मार्किंग भी रहेगी।
सरकार ने छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए बीपीएससी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। छात्रों के प्रदर्शन को लेकर राजेश कुमार से सवाल पूछे गए थे, तब उन्होंने ‘हाथी चले बाजार तो कुत्ते भौंके हजार’ वाली कहावत सुना दी थी। इससे प्रदर्शनकारी छात्र भड़क गए। राजेश कुमार के बयान के वीडियो वायरल होने पर काफी विवाद हुआ और बिहार सरकार ने राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है। हालांकि, विवाद बढ़ने पर उन्होंने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी थी।