सभापति को ज्ञापन सौंपते राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार

Bihar: निर्दलीय जीते, BJP में गए और अब संकट में कुर्सी! बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज पर क्यों मंडराया खतरा?

Bihar Politics: बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय विजेता बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने पर विवाद गहराया। राजद और इंडिया गठबंधन ने उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

मनोज आर्या

Highlights:

  • बिहार MLC चुनाव में निर्दलीय विजेताओं के BJP में शामिल होने से विवाद खड़ा हो गया है।

  • जदयू ने बाद अब राजद ने भी दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को भाजपा में जाने पर आपत्ति जताई है।

  • राजद और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने विधान परिषद के सभापति से भेंट कर ज्ञापन सौंपा।

Bihar Legislative Council Election: बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय विजेता बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने पर फिर से विवाद खड़ा हो गया है। पहले जदयू ने उनके भाजपा में जाने पर आपत्ति जताई थी, अब राजद ने उनकी सदस्यता को रद्द करने की मांग की है।

राजद और इंडिया गठबंधन के नेताओं ने बुधवार को विधान परिषद के सभापति से भेंट कर ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने दोनों सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कई प्रमाण भी पेश किए।

विपक्ष ने सभापति को सौंपे सबूत

गठबंधन के नेताओं ने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद कोई भी सदस्य किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण नहीं कर सकता। प्रतिनिधिमंडल ने दोनों के भाजपा में शामिल होने से संबंधित वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य सभापति को सौंपे और उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की।

सदस्यता समाप्त करने की मांग

राजद के राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद सदस्य अब्दुल बारी सिद्दीकी तथा विधान परिषद सदस्य सुनील कुमार के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन का एक दल सभापति से मिला। नेताओं ने दावा किया कि दोनों निर्दलीय सदस्यों ने भाजपा में शामिल होकर संविधान की दसवीं अनुसूची और दल-बदल कानून का उल्लंघन किया है।

राजद के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि सभापति को पर्याप्त प्रमाण दिए गए हैं। दोनों सदस्यों की सदस्यता हर हाल में खत्म होनी चाहिए।

जदयू ने भी उठाए थे सवाल

विधान परिषद चुनाव के परिणाम आने के बाद एनडीए के दो प्रमुख घटक दल जदयू और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर टकराव देखने को मिला था। सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय विजेता राहुल राज और तिरहुत स्नातक सीट से विजेता बंशीधर के भाजपा में शामिल होने पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को पार्टी ने छह साल के लिए बाहर किया था, उसे इतनी जल्दी किस स्थिति में वापस शामिल किया गया।

भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व को इस पर ध्यान देना चाहिए।जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा कि किसी भी पार्टी को निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करने का अधिकार है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद निर्दलीय सदस्य किसी पार्टी में शामिल नहीं हो सकता।

जन सुराज पार्टी ने क्या कहा?

दोनों निर्दलीय विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर जन सुराज ने भी आपत्ति जताई थी। पार्टी के नेताओं ने विधान परिषद के सभापति से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाने की बात कही थी।

बंशीधर ब्रजवासी ने दी थी सफाई

भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद बंशीधर ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया था। उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह मुख्यमंत्री से मिलने गए थे, लेकिन भाजपा की सदस्यता नहीं ली थी।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राहुल राज ने जदयू के आनंद पुष्कर को पराजित किया था, वहीं तिरहुत स्नातक सीट पर बंशीधर ने जदयू के अभिषेक झा को हराया था। इन दोनों सीटों पर एनडीए की तरफ से जदयू के प्रत्याशी चुनावी मैदान में थे।

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