Bharat Bhushan Tiwari Encounter Case in Bihar: बिहार के भोजपुर जिले में चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में संबंधित थाना के SHO सहित चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। 17 जून 2026 को हुई मुठभेड़ को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया था। उनका दावा है कि भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। वहीं पुलिस का कहना है कि भरत ने सरेंडर नहीं किया था और पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई।
भरत तिवारी क्षेत्र में बाढ़ और कटाव से प्रभावित लोगों की मदद तथा मुआवजे की मांग को लेकर सक्रिय थे। सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ उनकी तस्वीरें वायरल होने के बाद पुलिस उनके घर पहुंची थी। इसके बाद पुलिस और भरत के बीच करीब 16 घंटे तक गतिरोध चला। इस दौरान उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए भी अपनी बात रखी थी।
भरत के कथित फर्जी एनकाउंटर पर RJD सांसद मनोज कुमार झा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी पार्टी की ओर से हमेशा कहा है कि चाहे उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर हो या यहां बिहार में, एनकाउंटर सिर्फ किसी व्यक्ति का नहीं होता, यह सच का एनकाउंटर होता है। एनकाउंटर करके आप असल में सच को छिपाते हैं। अगर एनकाउंटर असली होता, तो आपको सस्पेंशन का सहारा नहीं लेना पड़ता।
भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का दावा है कि भरत ने लोगों के सामने अपना हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस उसे एक ओर ले गई और गोली मार दी।
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दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि भरत ने आत्मसमर्पण नहीं किया था और पुलिस टीम पर फायरिंग की थी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।