

Lalu Prasad Yadav Security Reduction: बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा कम किए जाने के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। आरजेडी कार्यकर्ताओं ने इस फैसले के विरोध में राबड़ी देवी के आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वहीं, इस पूरे मामले पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं की सुरक्षा को लेकर इस तरह का फैसला लिया गया है।
उनके अनुसार सुरक्षा को किसी भी हालत में राजनीतिक बदले या दबाव का उपकरण नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सुरक्षा व्यवस्था को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाएगा तो इसका लोकतंत्र पर गलत असर पड़ेगा। मनोज झा ने कहा कि आज मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोग महंगाई और आर्थिक दबाव से परेशान हैं। रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें महंगी हो रही हैं और कई परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि थाली से कई जरूरी चीजें गायब होती जा रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि आम आदमी की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने यह कहा कि बिहार में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें सुरक्षा की वास्तविक जरूरत भी नहीं है, फिर भी उनके आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था लगी रहती है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कुछ लोग सत्ता के आनंद में लगे रहते हैं, लेकिन जनता अब अपने स्तर पर सुरक्षा करेगी, इसलिए नेताओं ने अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, जैसे पश्चिम एशिया और ईरान के हालात, आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पर और असर डाल सकते हैं। उनके अनुसार इन सभी कारणों का असर आम जनता पर पड़ रहा है और सरकार को केवल आंकड़ों के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने जीडीपी ग्रोथ और आर्थिक हालात पर भी टिप्पणी की और कहा कि सिर्फ आंकड़ों से सच्चाई नहीं बदली जा सकती। उनके अनुसार देश की आर्थिक स्थिति को लेकर जो रिपोर्टें सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं। उन्होंने दावा किया कि विकास दर को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि आम लोगों की स्थिति अच्छी नहीं है।
मनोज झा ने कहा कि आज मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोग महंगाई और आर्थिक दबाव से परेशान हैं। रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें महंगी हो रही हैं और कई परिवारों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि थाली से कई जरूरी चीजें गायब होती जा रही हैं, जो इस बात का संकेत है कि आम आदमी की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक परिस्थितियों, जैसे पश्चिम एशिया और ईरान के हालात, आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पर और असर डाल सकते हैं। उनके अनुसार इन सभी कारणों का असर आम जनता पर पड़ रहा है और सरकार को केवल आंकड़ों के बजाय जमीनी हकीकत पर ध्यान देना चाहिए।