PUC New Rates 2026: देश में वायु प्रदूषण के बढ़ने के बीच अब वाहन मालिकों के लिए PUC यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट और भी ज्यादा जरूरी बना दिया है। ऐसे में अगर आपके वाहन का PUC सर्टिफिकेट एक्सपायर हो गया है तो आपके लिए यह खबर जरूरी है क्योंकि सरकार की ओर से अलग-अलग वाहनों के लिए नई और अपडेटेड PUC दरें जारी की गई हैं जिनकी जानकारी हर वाहन चालक को पता होनी चाहिए।
नई दरों को देखा जाए तो यह अलग-अलग कैटेगरी के वाहनों के लिए PUC टेस्ट की फीस तय करता है।
| वाहन का प्रकार | नई PUC फीस |
|---|---|
| दुपहिया वाहन | ₹50 |
| पेट्रोल ऑटो / तीन पहिया वाहन | ₹100 |
| पेट्रोल/CNG/LPG चार पहिया वाहन | ₹125 |
| डीजल वाहन | ₹150 |
इसका सीधा मतलब है कि अगर आप बाइक, स्कूटर, कार या SUV चलाते हैं तो आपको तय दरों के अनुसार ही PUC को बनवाना होगा।
PUC सर्टिफिकेट हर एक वाहन चालकों के लिए जरूरी है जो सिर्फ एक कागज नहीं बल्कि आपके वाहन की फिटनेस का भी संकेत है। PUC बताते है कि आपके वाहन से निकलने वाला धुआं तय मानकों के भीतर है या नहीं। अगर किसी वाहन का उत्सर्जन स्तर ज्यादा निकलता है तो यह इंजन की खराबी या ज्यादा ईंधन खपत का संकेत हो सकता है। इसको लेकर एक्सपर्ट्स कहते है कि आरको समय-समय पर PUC जांच करानी चाहिए इससे वाहन की माइलेज बेहतर रहती है और इंजन की परफॉर्मेंस भी लंबे समय तक सही बनी रहती है।
यातायात में जो नियम बताए गए है उसके अनुसार वैध PUC सर्टिफिकेट रखना अनिवार्य होता है। ऐसे में कोई वाहन चालक बिना PUC के पकड़ा जाता है तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा भारी चालान काट जा सकता है। वहीं कई राज्यों में इस जुर्माना को हजारों रुपये तक पहुंचाया गया है। इसके साथ ही वाहन मालिकों को यह सलाह दी जा रही है कि वे केवल अधिकृत PUC सेंटर से ही जांच करवाएं ताकि अतिरिक्त पैसे वसूले जाने से वो बचे जा सके।
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इस नए नियम में विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके लिए समय पर वाहन की जांच और सही मेंटेनेंस न सिर्फ पर्यावरण को बचाएगा बल्कि आपकी जेब पर भी कम बोझ डालेगा।