Toyota Hybrid Engine में क्या है खास। Source. Social Media
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Toyota का नया 1.5 लीटर Hybrid Engine बदल देगा कारों का गेम, बिना बड़ी बैटरी के मिलेगा 15% ज्यादा माइलेज

Toyota New Hybrid Engine: Toyota एक नया 1.5 लीटर हाइब्रिड इंजन तैयार कर रही है जिसका मकसद बड़ी और भारी बैटरी के बिना कारों की फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाना है।

सिमरन सिंह

Highylight:

  • Toyota एक नया 1.5 लीटर हाइब्रिड इंजन तैयार कर रही है।

  • हाइब्रिड इंजन का मकसद बड़ी और भारी बैटरी के बिना फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाना है।

  • इसे खासतौर पर हाइब्रिड सिस्टम के लिए ग्राउंड-अप डिजाइन किया जा रहा है।

Toyota Hybrid Technology: पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बीच कार कंपनियां बेहतर माइलेज देने वाली टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही हैं। इसी कड़ी में Toyota एक नया 1.5 लीटर हाइब्रिड इंजन तैयार कर रही है जिसका मकसद बड़ी और भारी बैटरी के बिना कारों की फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ाना है। वहीं कंपनी इस नए पावरट्रेन के जरिए अपने मौजूदा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम के मुकाबले करीब 15% बेहतर फ्यूल इकोनॉमी हासिल करना चाहती है। जिसमें खास बात यह है कि इस बार सिर्फ इंजन में बदलाव नहीं किया जा रहा बल्कि पूरे हाइब्रिड सिस्टम को नए सिरे से डिजाइन किया जा रहा है।

बिल्कुल नए तरीके से तैयार हो रहा Toyota का Hybrid Engine

Toyota का नया 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन पुराने इंजन की तरह किसी मौजूदा सेटअप में बदलाव करके तैयार नहीं किया जा रहा है। इसे खासतौर पर हाइब्रिड सिस्टम के लिए ग्राउंड-अप डिजाइन किया जा रहा है। जिसका सीधा मतलब है कि इंजन, इलेक्ट्रिक मोटर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को एक साथ ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है।

वहीं कंपनी का मानना है कि इस तरीके से ऊर्जा की बर्बादी कम होगी और इंजन तथा इलेक्ट्रिक मोटर के बीच बेहतर तालमेल बनाया जा सकेगा। इसके नैचुरली एस्पिरेटेड वर्जन से मौजूदा 1.8 लीटर इंजन और 1.5 लीटर तीन-सिलिंडर इंजन के बराबर परफॉर्मेंस मिलने की उम्मीद है।

छोटा हाइब्रिड सिस्टम देगा ज्यादा डिजाइनिंग की आजादी

इस नए पावरट्रेन की एक और खासियत इसका कॉम्पैक्ट साइज है। Toyota इसमें पहले के मुकाबले छोटे और हल्के इलेक्ट्रिक मोटर, पावर कंट्रोल यूनिट और इन्वर्टर का इस्तेमाल कर रही है। इन्वर्टर इलेक्ट्रिक मोटर तक बिजली पहुंचाने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करने में मदद करता है।

वहीं कंपनी ने बताया है कि नई टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल फ्रिक्शन जिसका सीधा मतलब है कि इंजन के अंदर होने वाली रगड़ और इलेक्ट्रिकल एनर्जी लॉस कम होगा। बेहतर थर्मल मैनेजमेंट भी एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद करेगा। Toyota का लक्ष्य इन बदलावों के जरिए 15% से ज्यादा बेहतर फ्यूल इकोनॉमी हासिल करना है। यह कंपनी का टारगेट है अभी किसी प्रोडक्शन कार में साबित हुआ माइलेज नहीं।

एक ही प्लेटफॉर्म पर Hybrid, EV और Plug-in Hybrid कारें

Toyota इस टेक्नोलॉजी को अपने भविष्य के Multi-Pathway Platform के साथ इस्तेमाल करना चाहती है। इसका मतलब है कि एक ही बेसिक व्हीकल आर्किटेक्चर पर पेट्रोल हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारें तैयार की जा सकेंगी।

कॉम्पैक्ट इंजन और हाइब्रिड सिस्टम की वजह से बोनट की ऊंचाई कम रखने और कार के डिजाइन को ज्यादा बेहतर बनाने की गुंजाइश मिलेगी। साथ ही अलग-अलग पावरट्रेन के लिए साझा प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने से कंपनी को प्रोडक्शन और डेवलपमेंट की लागत में बचत की उम्मीद है।

क्या भारत आएगा Toyota का नया Hybrid Engine?

भारतीय ग्राहकों के लिए भी यह टेक्नोलॉजी महत्वपूर्ण हो सकती है। अभी के लिए Toyota Urban Cruiser Hyryder और Maruti Suzuki Grand Vitara में 1.5 लीटर तीन-सिलिंडर स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम मिलता है। नया चार-सिलिंडर इंजन भविष्य में इस तरह के मॉडल्स के लिए एक नया विकल्प बन सकता है। लेकिन Toyota ने अभी भारत में इस इंजन को लॉन्च करने इसके स्थानीय उत्पादन या किसी खास SUV में इस्तेमाल करने की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में फिलहाल इसे कंपनी की भविष्य की हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के तौर पर ही देखना चाहिए।

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