

HIGHLIGHTS
1 नवंबर को कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन की महारैली
'दिल्ली चलो मार्च' में शामिल होंगे कई विपक्षी नेता
अखिलेश और ममता बनर्जी के भी शामिल होने की संभावना
Rahul Gandhi Rally: विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन द्वारा 1 नवंबर को दिल्ली में महारैली निकाली जाएगी। जिस वजह से कई दुकानों को बंद रखने की घोषणा की गई है।
जाहिर-सी बात है कि दिवाली जैसे पीक सीजन पर कमाई का एकमात्र जरिया बंद होने से व्यापारियों को खासा नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
इसे लेकर CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने भी कहा था कि राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करते हैं, लेकिन दिल्ली में हमारी 300 साल पुरानी मोहब्बत की दुकानें रैली के कारण बंद करवा रहे हैं, जिससे हमारा बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है।
CTI ने कहा था कि आप हमेशा बोलते हैं कि मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान चलाता हूं, हमारी दुकानें भी ग्राहकों के साथ आपसी विश्वास, प्यार और मोहब्बत के आधार पर चलती है।
ऐसे में हम आपसे निवेदन करते हैं कि दिवाली के पीक सीजन में हमारी मोहब्बत की दुकानें बंद न करवाएं। एक-एक दुकान पर 10-20 लोगों का परिवार चलता है। दिवाली के पीक सीजन पर Delhi Rally का हमपर खासा नुकसान होगा।
1 नवंबर को दिल्ली चलो मार्च को लेकर व्यापारियों ने कई नेताओं को प्रार्थना पत्र लिखा। CTI और विभिन्न व्यापार संगठनों ने कांग्रेस पार्टी और 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं को पत्र लिखकर 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को टालने की मांग की थी।
राहुल गांधी के बाद सोनिया गांधी को भी पत्र लिखा था लेकिन कोई बात नहीं बनी। इतना ही नहीं व्यापार संगठनों ने अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भी प्रार्थना पत्र लिखकर रैली रोकने की मांग की थी।
जानकारी के मुताबिक, रामलीला मैदान में दिल्ली चलो मार्च में कई विपक्षी नोताओं के शामिल होने की संभावना जताई गई है। समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव और टीएमसी की ममता बनर्जी भी इस मार्च में शामिल हो सकती हैं।
इसके अलावा अन्य नेता जिनमें मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी के सभी सांसद व अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे। साथ ही संजय राउत, सुप्रिया सुले और तेजस्वी यादव भी इस मार्च में शामिल हो सकते हैं। बता दें कि राहुल गांधी ने सभी से मार्च में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा है कि जो लोग पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार से तंग आ चुके हैं वे इस मार्च में जरूर शामिल हो। जो लोग लोकतंत्र और संविधान को बचाना चाहते हैं वे भी इस मार्च में हमारे साथ जुड़े।