windshield tips in monsoon (सौ. Freepik)
देश के लगभग हर हिस्से में मानसून सक्रिय हो चुका है। बारिश जहां एक ओर मौसम को सुहाना बना देती है, वहीं दूसरी ओर वाहन चालकों के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं। खासतौर पर कार ड्राइव करने वालों को विंडशील्ड और साइड ग्लास पर फॉग (भाप) जमने की समस्या का सामना करना पड़ता है, जो विजिबिलिटी को कम कर देती है और एक्सीडेंट का खतरा बढ़ा देती है।
फॉग के कारण बढ़ता है खतरा
बारिश के मौसम में जब कार के अंदर और बाहर का तापमान अलग होता है, तो विंडशील्ड और डोर ग्लास पर फॉग जम जाती है। इससे सामने का दृश्य साफ नहीं दिखता और गाड़ी चलाना जोखिम भरा हो जाता है।
वाइपर ब्लेड्स की जांच है जरूरी
अगर विंडशील्ड पर पानी या फॉग साफ नहीं हो पा रही है, तो सबसे पहले अपनी कार के वाइपर ब्लेड्स को चेक करें।
- वाइपर का किनारा पैना और सही आकार में होना चाहिए।
- पुराने या घिस चुके वाइपर, पानी को ठीक से नहीं हटा पाते और फॉग बनी रहती है।
- हर मानसून से पहले वाइपर ब्लेड्स बदलना एक स्मार्ट निर्णय होता है।
क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम का करें उपयोग
अधिकतर नई कारों में HVC (हीट, वेंटिलेशन और क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम) होता है।
- जैसे ही विंडशील्ड पर फॉग दिखे, तुरंत विंडशील्ड डीफॉगर मोड को ऑन करें।
- इससे हवा सीधे कांच पर लगेगी और कुछ ही पलों में फॉग हट जाएगी।
- अगर आपकी कार में यह फीचर नहीं है, तो एसी को ऑन करके बाहर से हवा खींचने वाले मोड पर सेट करें।
इन बातों का रखें ध्यान
- हर बार कार में बैठने से पहले ग्लास साफ करें।
- विंडशील्ड पर कोई तैलीय परत न जमने दें।
- ग्लास पर एंटी-फॉग स्प्रे का भी उपयोग कर सकते हैं।