Flex Fuel Vehicle In India: भारत अब पर्यावरण के लिए ऐसे ईंधन की तरफ बढ़ रहा है जिससे पेट्रोल की खपत कम हो और प्रदूषण पर भी लगाम लग जाए और इस ही दिशा में 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध होना शुरु कर दिया गया था। जिसका मतलब है कि अब पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाया जा रहा है। एथेनॉल का मतलब होता है गन्ने, मक्का और दूसरी फसलों से तैयार होने वाला बायोफ्यूल, जो पर्यावरण के लिए बेहतर होता है। इसमें दिलचस्प बात है कि सरकार ने E20 लागू करने का लक्ष्य 2030 तक रखा था लेकिन नए निधन को तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया। वहीं अब सरकार का लक्ष्य है E85 और E100 जैसे ज्यादा एथेनॉल मिश्रित फ्यूल को बढ़ावा देने।
अभी के समय को देखा जाए तो भारत में ऐसी गाड़ियां बहुत कम हैं जो ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल पर चलाई जाती है। लेकिन Maruti Suzuki, Toyota Kirloskar Motor और Tata Motors जैसी बड़ी कंपनियां अपनी फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी पर तेजी से काम कर रही है। फ्लेक्स-फ्यूल के बारे में बताए तो यह ऐसी कारें होती है जो पेट्रोल और ज्यादा एथेनॉल मिश्रित फ्यूल दोनों पर आसानी से चल सकती हैं। जिससे यूजर्स को फ्यूल में ज्यादा विकल्प देखने को मिलते है। जो आने वाले समय में तेल पर निर्भरता को कम भी करेंगा।
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि Tata Motors जल्द ही अपनी पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में लॉन्च कर सकती है। इसको लेकर कंपनी के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्र ने बताया कि कंपनी कम से कम एक फ्लेक्स-फ्यूल वाहन लॉन्च करने की तैयारी करने में लगी हुई है। वहीं कंपनी ने यह जानकारी भी दी है कि उसके मौजूदा इंजन पहले ही E20 पेट्रोल के हिसाब से तैयार किए जा चुके हैं और अब फोकस ज्यादा एथेनॉल वाले फ्यूल के लिए इंजन डेवलपमेंट करने पर किया जा रहा है।
इसके साथ ही रिपोर्ट्स की यह भी माना जा रहा है कि Tata Punch कंपनी की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार हो सकती है। जिसको पिछले साल Bharat Mobility Show में भी प्रदर्शित किया गया था। इस मॉडल को E85 फ्यूल पर चलाया जा सकता है, जिसका सीधा मतलब 85 प्रतिशत तक एथेनॉल मिला पेट्रोल इस्तेमाल किया जाना है। इस कार के अदंर 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन देखनने को मिलेगा, जिसे खास बदलावों के साथ तैयार किया गया है जो अलग-अलग तरह के फ्यूल पर आसानी से काम कर पाएगा।