नई दिल्ली. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने 1 अक्टूबर 2024 से डंपर, उत्खनन मशीनों और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन विनिर्माण उपकरण वाहनों के लिए नए सख्त सुरक्षा मानकों का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय ने एक अधिसूचना के मसौदे में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन का प्रस्ताव किया है। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के नियमों के मसौदे में कहा गया, "एक अक्टूबर, 2024 को और उसके बाद इलेक्ट्रिक पावरट्रेन से लैस विनिर्माण उपकरण वाहन एआईएस-174 में निर्दिष्ट मानदंडों को पूरा करेंगे, जब तक कि भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत संबंधित बीआईएस विनिर्देशों को अधिसूचित नहीं किया जाता।"
वर्तमान में, विनिर्माण उपकरण वाहनों में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिसूचना के अनुसार, उक्त अवधि की समाप्ति से पहले उक्त नियमों के मसौदे के संबंध में किसी भी व्यक्ति से प्राप्त आपत्तियों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
सरकार का यह कदम इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन की बढ़ती उपयोगिता को मान्यता देता है और इन वाहनों के लिए उच्च सुरक्षा मानक स्थापित करता है। नए नियमों का उद्देश्य इन वाहनों की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को बेहतर बनाना है। यह प्रस्ताव सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (एजेंसी इनपुट के साथ)