Carrying a Dog on a Bike: भारत में आज के समय में पेट्स रखने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। जिसमें खासकर कुत्ते और बिल्लियां अब कई परिवारों का हिस्सा बन चुके हैं। देखे गया है कि लोग अपने डॉगी को पार्क से लेकर मार्केट तक साथ ले जाते हैं। कई बार तो बाइक या स्कूटी पर कुत्ते को बैठे घूमते हुए देखा गया हैं। जो देखने में तो क्यूट लगता है लेकिन क्या ऐसा करना ट्रैफिक नियमों के हिसाब से सुरक्षित और कानूनी है? यही सवाल का जवाब आपको भी पता होना चाहिए क्योंकि लापरवाही की स्थिति में कार्रवाई और चालान का सामना करना पड़ सकता है।
भारत के नियमों को देखे तो इसमें बाइक पर पालतू कुत्ते को ले जाने पर ऐसी कोई सीधी पाबंदी नहीं देखा जाता है कि यह हर स्थिति में गैरकानूनी हो। लेकिन सबसे अहम बात है ड्राइवर का वाहन पर पूरा नियंत्रण और जानवर की सुरक्षा को देखना। बतया जाता है कि अगर कुत्ता हैंडल के पास बैठा है, अचानक इधर-उधर घूम रहा है या आपकी ड्राइविंग में बाधा बन रहा है तो इस स्थिति को खतरनाक माना जा सकता है। वहीं मोटर व्हीकल कानून के तहत खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
इस स्थिति में सिर्फ ट्रैफिक नियम ही नहीं बल्कि जानवर की सुरक्षा भी बेहद जरूरी है। अगर पालतू कुत्ते को इस तरह बाइक पर ले जाया जा रहा है जिससे उसके गिरने, घायल होने या घबराने का खतरा है तो इसमें पशु कल्याण से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं। जिसका सीधा मतलब है कि सिर्फ इस वजह से कि डॉगी आपका पालतू है उसे बाइक पर किसी भी तरीके से बैठाकर चलना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। देका गया है कि नियमों का उल्लंघन होने पर परिस्थितियों के अनुसार संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई की जा सकती है
बताया जाता है कि अगर मजबूरी में डॉगी को दोपहिया वाहन से ले जाना पड़े तो उसे खुला छोड़ना बिल्कुल सही नहीं होगा। चलती बाइक पर अचानक हॉर्न, तेज ट्रैफिक या किसी दूसरे जानवर की वजह से कुत्ता घबरा सकता है और बाइक से कूदने की कोशिश भी कर सकता है। वहीं सबसे जरूरी बात यह है कि उसे हैंडल पर न बैठाएं और न ही ऐसी स्थिति में गोद में रखें जिससे ब्रेक या मोड़ लेते समय ड्राइवर का नियंत्रण प्रभावित हो। साथ ही बाजार में उपलब्ध सुरक्षित पेट कैरियर जैसे विकल्पों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
ट्रैफिक के बीच दोपहिया वाहन पर पेट को ले जाना हमेशा जोखिम भरा हो सकता है। वहीं अचानक ब्रेक, तेज आवाज या भारी वाहन के गुजरने पर हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए लंबी दूरी या ज्यादा ट्रैफिक वाले रास्ते पर कार, पेट-फ्रेंडली कैब या अन्य सुरक्षित वाहन का इस्तेमाल बेहतर विकल्प हो सकता है। ऐसे में आखिर कुछ मिनट की सुविधा से ज्यादा जरूरी आपके पालतू की जान और आपकी सड़क सुरक्षा है।