Electric Car Range in Winter: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जिसका कारण पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत और बढ़ते प्रदूषण के बीच लोगों का इलेक्ट्रिक कारों के किफायती विकल्प के को चुनना है। लेकिन देखा गया है कि सर्दिया सुरू होते ही EV मालिकों की एक आम परेशानी बढ़ जाती है जो गाड़ी की रेंज सामान्य दिनों के मुकाबले कम होना है। वहीं कड़ाके की ठंड में तापमान गिरने का असर इलेक्ट्रिक कारों में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरी की कार्यक्षमता पर पड़ता है।
जिसको लेकर ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे मौसम में EV की रेंज करीब 15 से 20 प्रतिशत तक घट सकती है। लेकिन कुछ छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सर्दियों में EV की रेंज बचाने के लिए प्री-कंडीशनिंग काफी काम की सुविधा है। इसका मतलब है कि ड्राइव शुरू करने से पहले बैटरी और कार के केबिन को जरूरी तापमान तक लाना। अगर कार चार्जिंग पर लगी है तो मोबाइल ऐप के जरिए इसे पहले ही ऑन किया जा सकता है। वहीं इसका फायदा यह है कि बैटरी और केबिन को गर्म करने के लिए बिजली कार की बैटरी से नहीं बल्कि सीधे पावर ग्रिड से ली जाती है। इससे ड्राइव शुरू करते समय बैटरी पर अतिरिक्त दबाव कम रहता है।
ठंड में कार के अंदर बैठते ही केबिन हीटर चलाना स्वाभाविक है लेकिन यह बैटरी की खपत तेजी से बढ़ा सकता है। अगर आपकी EV में हीटेड सीट और हीटेड स्टीयरिंग व्हील दिया गया है तो इनका इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। ये सीधे शरीर को गर्म रखते हैं और पूरे केबिन को गर्म करने की तुलना में कम बिजली खर्च कर सकते हैं। इससे ड्राइव के दौरान बैटरी की रेंज बचाने में मदद मिलती है।
ठंड में टायरों के अंदर हवा का दबाव कम हो सकता है। कम टायर प्रेशर से रोलिंग रेजिस्टेंस बढ़ता है और मोटर को ज्यादा ऊर्जा खर्च करनी पड़ सकती है। इसलिए सर्दियों में हर हफ्ते टायर प्रेशर चेक करना बेहतर है और कंपनी की बताई सीमा के अनुसार सही दबाव बनाए रखें। इसके अलावा रेंज बढ़ाने के लिए Eco Mode का इस्तेमाल करें। यह अचानक एक्सीलरेशन और पावर की खपत को नियंत्रित करता है। तेज रफ्तार, बार-बार एक्सीलरेशन और अचानक ब्रेक लगाने से बचना भी बैटरी बचाने में मदद कर सकता है।