Highlight:
कम रनिंग कॉस्ट और दूसरे ईंधन विकल्पों की ओर लोगों का रुझान देखने को मिल रहा है।
FADA के आंकड़ों में अक्टूबर में कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी दिखाई है।
EV की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 11.5 फीसदी पहुंच गई।
Indian Auto Market Sales: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में ग्राहकों की पसंद धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। अब कार खरीदते समय सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही विकल्प नहीं रह गए हैं। कम रनिंग कॉस्ट और दूसरे ईंधन विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान के बीच CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक कारों ने अक्टूबर 2026 में मिलकर पेट्रोल और एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों को पीछे छोड़ दिया है।
बता दें कि फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के ताजा रिटेल आंकड़ों बताते है कि अक्टूबर में कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.83 फीसदी रही। वहीं पेट्रोल और एथेनॉल मॉडल्स की हिस्सेदारी 41.60 फीसदी दर्ज की गई। लेकिन दोनों के बीच अंतर बहुत मामूली है पर फिर भी यह ग्राहकों की बदलती पसंद का संकेत जरूर देता है।
यह रुझान पहली बार अक्टूबर में नहीं दिखा है। इसमें अगस्त 2026 में भी CNG, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संयुक्त हिस्सेदारी 41.95 फीसदी रही थी जबकि पेट्रोल और एथेनॉल मॉडल्स 40.85 फीसदी पर थे। लेकिन सितंबर में पेट्रोल गाड़ियों ने वापसी की और 41.27 फीसदी हिस्सेदारी के साथ आगे निकल गईं। अब अक्टूबर में वैकल्पिक ईंधन वाली गाड़ियों ने फिर बढ़त हासिल कर ली है।
अक्टूबर के आंकड़ों में CNG का योगदान सबसे ज्यादा रहा। जिसमें CNG और LPG से चलने वाली पैसेंजर गाड़ियों की हिस्सेदारी 24.59 फीसदी दर्ज की गई जो अक्टूबर 2025 के 23.20 फीसदी से अधिक है।
वहीं हाइब्रिड कारों की हिस्सेदारी में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। अक्टूबर 2025 में यह 6.96 फीसदी थी जो अक्टूबर 2026 में बढ़कर 9.94 फीसदी हो गई। हाइब्रिड कारों में इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर भी काम करती है। इससे ड्राइविंग के दौरान ईंधन की खपत कम करने में मदद मिल सकती है।
इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों की हिस्सेदारी अक्टूबर में 7.30 फीसदी रही। यह सितंबर के 8.45 फीसदी से कम है लेकिन पिछले साल अक्टूबर के 3.55 फीसदी के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है।
FADA ने जानकारी दी है कि सभी वाहन श्रेणियों को मिलाकर देश में अक्टूबर के दौरान करीब 3.55 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की रिटेल बिक्री हुई। कुल वाहन बिक्री में EV की हिस्सेदारी भी बढ़कर लगभग 11.5 फीसदी पहुंच गई। यह आंकड़े बताते हैं कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का दायरा बढ़ रहा है लेकिन पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी अभी CNG से कम है।