सिमरन सिंह
हाइब्रिड कारों में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी भी होती है। इनका मकसद ईंधन की खपत कम करना और बेहतर एफिशिएंसी देना है।
इसमें छोटी बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर होती है। मोटर पेट्रोल इंजन को स्टार्ट करने और एक्सीलरेशन के दौरान सपोर्ट देती है।
माइल्ड हाइब्रिड कार केवल इलेक्ट्रिक मोटर पर नहीं चल सकती। इसकी बैटरी ब्रेकिंग के दौरान खुद चार्ज होती है। उदाहरण: Grand Vitara Mild Hybrid और Ertiga।
इसमें बड़ी बैटरी और ज्यादा पावरफुल इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है। यह कार कुछ दूरी तक सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड में भी चल सकती है।
सिस्टम जरूरत के हिसाब से पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर के बीच स्विच करता है। इसकी बैटरी इंजन और ब्रेकिंग से चार्ज होती है। उदाहरण: Grand Vitara Strong Hybrid और Hyryder।
इसमें बड़ी बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर मिलती है। इसे घर के चार्जिंग सॉकेट या चार्जिंग स्टेशन से चार्ज किया जा सकता है।
PHEV कारें बैटरी चार्ज होने पर पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड में चल सकती हैं। बैटरी कम होने पर पेट्रोल इंजन काम संभालता है। उदाहरण: Volvo XC90 PHEV और Porsche Cayenne PHEV।
कौन-सी हाइब्रिड कार कैसे काम करती है?
- Mild Hybrid: इंजन को इलेक्ट्रिक सपोर्ट।
- Strong Hybrid: कुछ दूरी तक EV मोड।
- Plug-in Hybrid: बाहरी चार्जिंग और लंबी EV ड्राइविंग क्षमता।
कम खर्च में बेहतर एफिशिएंसी के लिए Strong Hybrid एक विकल्प है। वहीं, घर पर चार्जिंग की सुविधा हो तो Plug-in Hybrid पर विचार कर सकते हैं। Mild Hybrid में इलेक्ट्रिक ड्राइविंग की सुविधा नहीं मिलती।