EV Subsidy Jammu Kashmir: आप पेट्रोल-डीजल की बढ़ती लागत के बीच इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो जम्मू-कश्मीर से जुड़ी यह जानकारी आपके काम की है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने Electric Vehicle Policy 2026 को आधिकारिक तौर पर नोटिफाई कर दिया है। इसमें छह साल के लिए लागू इस नीति का मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के साथ चार्जिंग नेटवर्क और EV इकोसिस्टम को मजबूत करना है। सरकार ने 2032 तक 1.40 लाख इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
नई नीति में शुरुआती खरीदारों के लिए अलग टॉप-अप इंसेंटिव रखा गया है। इसके तहत पहली 1,500 निजी इलेक्ट्रिक कारों के लिए ₹1 लाख का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा। वहीं पहले 10,000 इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदारों के लिए ₹5,000 और पहले 300 इलेक्ट्रिक बसों के लिए ₹15 लाख का इंसेंटिव तय किया गया है। ये लाभ नीति में निर्धारित पात्रता और शर्तों के अधीन होंगे। जिसका सीधा मतलब है कि यह समझना जरूरी है कि ₹1 लाख की राशि हर EV कार खरीदार को मिलने वाली सामान्य सब्सिडी नहीं है। यह शुरुआती 1,500 पात्र निजी कार खरीदारों के लिए टॉप-अप इंसेंटिव है।
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीद को आसान बनाने के लिए EV लोन पर 3 से 5% ब्याज सब्सिडी का भी प्रावधान किया है। यह लाभ अधिकतम 36 महीने तक और निर्धारित पात्रता के अनुसार मिलेगा। इसके अलावा पुरानी गाड़ियों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने को बढ़ावा देने के लिए स्क्रैपेज-लिंक्ड इंसेंटिव भी रखा गया है। इसके लिए सालाना ₹50 करोड़ का बजट प्रावधान बताया गया है।
EV अपनाने में चार्जिंग नेटवर्क अहम भूमिका निभाता है। इसी वजह से नीति में जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में 900 पब्लिक चार्जिंग साइट विकसित करने की योजना है। इनमें 140 फास्ट-चार्जिंग हब शहरी क्षेत्रों और हाईवे कॉरिडोर पर होंगे। बिल्डिंग बायलॉज के तहत पार्किंग क्षमता के 20% हिस्से को EV-ready बनाने का भी प्रावधान है।
जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नीति में Specialized Winter Validation Protocol शामिल किया गया है। इसके तहत EV के प्रदर्शन को बर्फ और सब-जीरो तापमान जैसी परिस्थितियों में जांचने की व्यवस्था होगी। इस नीति का फोकस सिर्फ कारों पर सब्सिडी देने तक सीमित नहीं है। सरकार 2032 तक EV अपनाने, चार्जिंग नेटवर्क, पावर-ग्रिड इंटीग्रेशन, स्क्रैपेज और कौशल विकास को एक साथ आगे बढ़ाने की योजना बना रही है।