Diesel SUV (Source. Unsplash) 
ऑटोमोबाइल

BS7 पड़ेगा महंगा, क्या खत्म होने वाली है डीजल SUV की बादशाहत? Mahindra से Mercedes तक बढ़ी टेंशन

Diesel SUV India: ऑटो बाजार से अब धीरे-धीरे छोटी कारों और सेडान से डीजल इंजन गायब हो रहे हों लेकिन अभी SUV सेगमेंट में इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले लोगों इसको ले रहे है।

सिमरन सिंह

Diesel SUV Price Hike: भारत के ऑटो बाजार से अब धीरे-धीरे छोटी कारों और सेडान से डीजल इंजन गायब हो रहे हों लेकिन अभी SUV सेगमेंट में इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। खासकर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवर, ऑफ-रोडिंग पसंद करने वाले यूजर्स और दमदार टॉर्क चाहने वाले ग्राहक आज भी डीजल SUV को ही अपने लिए पसंद करते है। जिस कारण से लगातार तीन सालों से डीजल पैसेंजर व्हीकल्स का मार्केट शेयर करीब 18 फीसदी पर स्थिर बना हुआ है। लेकिन अब BS7 उत्सर्जन नियमों की आहट ने ऑटो इंडस्ट्री की टेंशन बढ़ा दी है। बता दें कि एक्सपर्ट्स इसपर कहते है कि आने वाले समय में डीजल गाड़ियों की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है जो ग्राहकों पर भारी पड़ेगा।

छोटी कारों से गायब, SUV में अभी भी दमदार

एक समय पर भारत में डीजल कारों का दबदबा 47 फीसदी तक हो गया था लेकिन अब लोगों की पसंद पेट्रोल, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों बन गई है। इन सब के बावजूद लोग अभी भी SUV खरीदारों के लिए डीजल को पहली पसंद मानते है। जिसका कारण साफ है इसमें मिलने वाला बेहतर टॉर्क, लंबी ड्राइविंग रेंज और हाईवे पर शानदार माइलेज। इन्हीं वजहों के कारण Mahindra & Mahindra की Scorpio, Thar और Bolero जैसी डीजल SUVs की मांग लगातार लोगों के बीच बनी हुई है।

Mahindra और Mercedes क्यों अब भी कर रहे डीजल पर भरोसा?

Mahindra & Mahindra के लोगों के बीच खास रहने के बाद भी ववह अब केवल एक फ्यूल टेक्नोलॉजी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी EV, पेट्रोल और डीजल तीनों सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दिका रही है। दूसरी तरफ Mercedes-Benz India के MD और CEO संतोष अय्यर ने कहा कि पिछली तिमाही में उनकी 50 फीसदी से ज्यादा बिक्री डीजल मॉडल्स की हुई थी। इसकी सबसे बड़ी वजह टोटल कॉस्ट ऑफ ओनरशिप है जिसका मतलब गाड़ी रखने और चलाने की कुल लागत है।

अब फ्यूल नहीं परफॉर्मेंस बन गई असली वजह

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब लोग डीजल सिर्फ सस्ता फ्यूल होने की वजह से नहीं बल्कि लग्जरी SUV सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस के लिए चुन रहे है। Jato Dynamics के प्रेसिडेंट रवि भाटिया के मुताबिक, "यह कोई ऐसा ग्राहक नहीं है जो बजट देखकर डीजल चुन रहा हो ताकि वह फ्यूल पर पैसे बचा सके"

BS7 नियम बदल सकते हैं पूरा खेल

इन सब के बीच सबसे बड़ी चिंता BS7 उत्सर्जन मानकों को लेकर है। जानकारी के मुताबिक नए नियम लागू होने के बाद डीजल गाड़ियों की कीमत 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक बढ़ सकती है। जिससे होगा यह की 10 से 20 लाख रुपये वाली SUV खरीदने वाले ग्राहकों को इसके लिए और पैसे देने होगे। ऐसे में सवाल है कि क्या वे महंगी होती डीजल SUVs खरीदना जारी रखेंगे या फिर CNG, Hybrid और EV की तरफ शिफ्ट हो जाएंगे? वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि आने वाले कुछ साल भारतीय ऑटो सेक्टर के लिए बेहद अहम होने वाले है जो यह तय करेगा कि डीजल SUV का दौर जारी रहेगा या खत्म हो जाएगा।

झारखंड बंद के बीच सड़कों पर उतरी BJP, बाबूलाल मरांडी बोले- छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है पार्टी

भारत के दांव से तिलमिलाया चीन! अरुणाचल प्रदेश पर विदेश मंत्रालय की दो टूक, कहा- कोई सच्चाई बदल नहीं सकता

आज की ताजा खबर 11 अगस्त LIVE: हंगामे के कारण लोकसभा कल तक के लिए स्थगित, राज्यसभा में चर्चा जारी

Delhi DPCC Vacancy: लीगल असिस्टेंट समेत 54 पदों पर भर्ती, 2,15,900 तक सैलरी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

पार्टी का संविधान अलोकतांत्रिक था तो शिंदे समूह के विधायक और मंत्री पद भी अवैध! कपिल सिब्बल की तीखी दलील