अमेरिकी जासूस निकला चीन का टॉप जनरल! ट्रंप को बेच दिए न्यूक्लियर सीक्रेट, शी जिनपिंग को सताने लगा डर
China Coup Attempt: चीन के जनरल झांग यूशिया पर भ्रष्टाचार और अमेरिकी परमाणु जानकारी लीक करने के आरोप लगे हैं। जांच में उनका कुख्यात पद से हटाने और गुटबाजी बढ़ाने का भी खुलासा हुआ है।
- Written By: अक्षय साहू
चीन के टॉप जनरल झांग यूशिया पर अमेरिकी जासूस होने का आरोप (सोर्स- सोशल मीडिया)
China Top General Zhang Youxia US Spy: चीन की सत्ता और सेना के गलियारों में भूचाल मच गया है। देश के सबसे प्रभावशाली जनरल, झांग यूशिया पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं और उनके खिलाफ जांच चल रही है। हाल ही में वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि झांग पर पद से हटाने का मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने अमेरिका को चीन के परमाणु हथियार कार्यक्रम से जुड़ी गोपनीय जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह खुलासा एक बंद कमरे की हाई-लेवल ब्रीफिंग में हुआ, जिसमें चीनी सेना के शीर्ष अधिकारी मौजूद थे। पहले कुछ जानकारों का कहना था कि झांग शी जिनपिंग का तख्तापलट करने की साजिश रच रहे थे, इसी वजह से वह जांच के घेरे में आए थे।
जिनपिंग के भरोसेमंद माने जाते थे झांग
झांग यूशिया अब तक राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सबसे भरोसेमंद सैन्य सहयोगी माने जाते थे। उन पर बड़े पैमाने पर रिश्वत लेने और पदों की सौदेबाजी करने के भी आरोप हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक अधिकारी को रक्षा मंत्री बनवाने के बदले रिश्वत ली। उसी ब्रीफिंग के कुछ ही घंटों बाद, चीन के रक्षा मंत्रालय ने झांग के खिलाफ “पार्टी अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन” की जांच की घोषणा की।
सम्बंधित ख़बरें
FIFA World Cup: ट्रंप के दूत की बड़ी मांग… आगामी वर्ल्ड कप में ईरान की जगह इटली को किया जाए शामिल
Iran में मोसाद से संबंध के आरोप में एक और फांसी, ट्रंप ने पाकिस्तान की मांग पर बढ़ाया सीजफायर समय
Hormuz Strait में ईरान का खौफनाक वीडियो: मास्क पहने IRGC जवानों ने फायरिंग कर मालवाहक जहाज को घेरा
US व्यापार प्रतिनिधि ने भारत को बताया ‘कठिन बाजार’, कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच की मांग
कैसे हुआ साजिश का खुलासा?
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि झांग ने चीन के परमाणु हथियारों से जुड़े महत्वपूर्ण तकनीकी डेटा अमेरिका को सौंपे। इस मामले से जुड़े सबूत, चीन के न्यूक्लियर सेक्टर में चल रही अलग जांच से सामने आए। हाल ही में गू जुन, जो कि चाइना नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रमुख हैं, को भी जांच में लिया गया। उन्होंने कुछ सबूत उपलब्ध कराए। यह सरकारी कंपनी चीन के नागरिक और सैन्य परमाणु कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभालती है। अधिकारियों के अनुसार, गू जुन की जांच ने झांग तक पहुंचने का रास्ता खोला।
ब्रीफिंग में बताया गया कि झांग पर सेना में गुटबाजी बढ़ाने और अपनी ताकत का दुरुपयोग करने के भी आरोप हैं। उन्होंने सेंट्रल मिलिट्री कमीशन जैसे शक्तिशाली संस्थानों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नेटवर्क बनाया और हथियार खरीद से जुड़े विभागों में फैसले बेचने का खेल चलाया।
यह भी पढ़ें: अमेरिका में टेकऑफ के करते ही क्रैश हुआ प्राइवेट जेट…लगी भीषण आग, पूरा एयरपोर्ट बंद
चीन की जीरो टॉलरेंस नीति का उदाहरण
चीन के दूतावास के प्रवक्ता ल्यू पेंगयू ने कहा कि यह जांच कम्युनिस्ट पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति का उदाहरण है। हालांकि, कई विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि यह शी जिनपिंग की ओर से सेना में पूरी वफादारी सुनिश्चित करने की बड़ी कार्रवाई है।
Frequently Asked Questions
-
Que: झांग यूशिया पर आरोप क्या हैं?
Ans: झांग यूशिया पर भ्रष्टाचार, रिश्वत लेने और अमेरिका को परमाणु हथियारों से जुड़ी जानकारी देने के गंभीर आरोप लगे हैं। उनके खिलाफ जांच चल रही है।
-
Que: झांग यूशिया कौन हैं?
Ans: झांग यूशिया, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी सैन्य सहयोगी थे और उनका प्रभाव चीनी सेना और रक्षा मंत्रालय में बहुत गहरा था।
-
Que: चीन की जीरो टॉलरेंस नीति क्या है?
Ans: चीन की "जीरो टॉलरेंस" नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ यह जांच की जा रही है, और यह शी जिनपिंग के नेतृत्व में सेना में वफादारी सुनिश्चित करने की एक बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
