नए साल पर बोले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की: “हमें युद्ध का अंत चाहिए, यूक्रेन का नहीं”
Ukraine War Update: जेलेंस्की ने नए साल पर कहा कि वे युद्ध का अंत चाहते हैं यूक्रेन का नहीं। उन्होंने मजबूत सुरक्षा गारंटी के बिना शांति समझौते से इनकार किया और आत्मसमर्पण न करने का संकल्प लिया।
- Written By: प्रिया सिंह
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (सोर्स-सोशल मीडिया)
Zelenskyy New Year Peace Proposal: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नए साल 2026 की पूर्व संध्या पर अपने देशवासियों को एक बेहद भावुक और साहसी संदेश दिया है। लगभग चार साल से चल रहे संघर्ष के बीच जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि उनका देश शांति का इच्छुक है लेकिन आत्मसमर्पण की कीमत पर नहीं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वे युद्ध को खत्म करना चाहते हैं पर यूक्रेन के अस्तित्व को मिटाने वाले किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी अपनी जीत का अटूट विश्वास दोहराया है।
थकान का मतलब हार नहीं
अपने 21 मिनट के संबोधन में जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि लंबे समय से चल रहे इस युद्ध ने जनता को थका दिया है। उन्होंने कहा कि यह समय दूसरे विश्व युद्ध के काले दौर से भी ज्यादा लंबा खिंच गया है लेकिन यूक्रेन की हिम्मत नहीं टूटी है। उनके अनुसार थकान का अर्थ कतई यह नहीं है कि यूक्रेन घुटने टेक देगा या अपनी जमीन दुश्मन को सौंप देगा।
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सुरक्षा गारंटी के बिना समझौता नामुमकिन
जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि वे केवल उसी शांति समझौते को स्वीकार करेंगे जिसमें भविष्य के लिए मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा गारंटी होगी। उनका मानना है कि किसी भी कमजोर या जल्दबाजी में किए गए समझौते का अर्थ युद्ध को और लंबा खींचना होगा। वे केवल उसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करेंगे जो यूक्रेन की अखंडता और यूरोप की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित करता हो।
शांति वार्ता अब अंतिम पड़ाव पर
अमेरिकी नेतृत्व में चल रही कूटनीतिक कोशिशों का जिक्र करते हुए जेलेंस्की ने बताया कि समझौता लगभग 90 प्रतिशत तैयार हो चुका है। हालांकि बचा हुआ 10 प्रतिशत हिस्सा ही सबसे चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें यूक्रेन और पूरे यूरोप का भविष्य तय करने वाले कठिन मुद्दे शामिल हैं। अनसुलझे क्षेत्रीय विवाद वर्तमान में एक स्थायी समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा बनकर खड़े हैं।
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क्षेत्रीय विवाद और रूस की मांग
यूक्रेनी मीडिया के अनुसार रूस ने फिलहाल यूक्रेन के करीब 19 प्रतिशत हिस्से पर अपना कब्जा जमा रखा है जिसे वह छोड़ना नहीं चाहता। पुतिन की मांग है कि यूक्रेन डोनबास क्षेत्र से पूरी तरह पीछे हट जाए लेकिन जेलेंस्की ने इस मांग को देश के साथ धोखा बताया है। उनका कहना है कि वे अपनी एक इंच जमीन का सौदा भी रूसी शर्तों पर नहीं करेंगे।
पुतिन का जवाबी हमला और जीत का दावा
दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी नए साल पर अपने सैनिकों को संबोधित करते हुए जीत का पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने मोर्चे पर तैनात रूसी सेना को ‘असली हीरो’ बताते हुए कहा कि रूस अपने लक्ष्यों को प्राप्त करके ही दम लेगा। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के इन बयानों से स्पष्ट है कि 2026 में भी कूटनीतिक खींचतान और युद्ध का साया बरकरार रह सकता है।
