क्या अब मिलकर लड़ेंगे इजरायल और यूक्रेन? वॉशिंगटन में जेलेंस्की-नेतन्याहू की मुलाकात ने दुनिया में मचाई खलबली
Zelensky Netanyahu Meeting: वॉशिंगटन में जेलेंस्की और नेतन्याहू की मुलाकात ने नए वैश्विक समीकरणों को जन्म दिया है। रूस-ईरान के बढ़ते गठजोड़ के बीच क्या दुनिया एक और महायुद्ध की ओर बढ़ रही है?
- Written By: अमन उपाध्याय
वॉशिंगटन में जेलेंस्की-नेतन्याहू की मुलाकात, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Zelensky Netanyahu Meeting In US: रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट का तनाव अब तेजी से एक-दूसरे में समाहित होते जा रहे हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। इस सप्ताह वॉशिंगटन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई उच्च स्तरीय मुलाकात ने कई कूटनीतिक अटकलों को हवा दे दी है।
दोनों नेता दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे, जो रूस और ईरान दोनों के प्रति सख्त रुख रखने के लिए जाने जाते थे।
क्या 1914 जैसे बन रहे हालात?
इतिहासकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य प्रथम विश्व युद्ध (1914) से पहले की स्थितियों की याद दिला रहा है। जिस तरह तब अलग-अलग क्षेत्रीय तनावों के गठबंधन ने एक भीषण महायुद्ध का रूप ले लिया था, वैसा ही खतरा आज भी दिखाई दे रहा है। वॉशिंगटन में हुई इस मुलाकात ने व्हाइट हाउस को दो ऐसे युद्धों के केंद्र में ला खड़ा किया है, जो अब रणनीतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
मौत के साये में 13 भारतीय नाविक! यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क पोर्ट पर जहाज पर फंसी जान, ड्रोन हमलों से दहला इलाका
Saudi Airstrike: सऊदी अरब का सब्र खत्म! अमेरिका के साथ मिलकर इराक के ठिकानों पर बरसाए बम
भारत-चीन पर US का टैरिफ बम! रूसी तेल खरीदने पर अब लगेगा 100% टैक्स; अमेरिकी सीनेट में बिल पास
Robot Ban: अमेरिका में इंसानी रोबोट की एंट्री बैन, ट्रंप को चीन से हैकिंग और साइबर हमले का बड़ा डर
कैस्पियन सागर में नया मोर्चा
तनाव की आग कैस्पियन सागर तक पहुंच गई है, जो दुनिया का सबसे बड़ा अंतर्देशीय जल क्षेत्र है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने उन ईरानी जहाजों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जो रूस के लिए ड्रोन और अन्य घातक सैन्य साजो-सामान ले जा रहे थे।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ना है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन दावों को खारिज करते हुए यूक्रेन पर नागरिक जहाज पर हमला करने और एक नाविक की हत्या का आरोप लगाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस ‘दुस्साहस’ का जवाब जरूर दिया जाएगा।
Ahead of Sen. Lindsey Graham’s funeral, Netanyahu and Zelensky were seen speaking. pic.twitter.com/FOVAUI1xiR — Open Source Intel (@Osint613) July 28, 2026
ईरान और रूस की गहरी दोस्ती
यूक्रेन का स्पष्ट आरोप है कि ईरान 2022 से ही रूस को शाहिद ड्रोन और अन्य सैन्य तकनीक मुहैया कराकर इस युद्ध में शामिल हो चुका है। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि तेहरान अब खुद को पीड़ित दिखाने का नाटक नहीं कर सकता।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य साझेदारी ने यूरोप और पश्चिम एशिया के युद्ध क्षेत्रों के बीच की रेखा को धुंधला कर दिया है। जेलेंस्की अब अमेरिका को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि यूक्रेन की सैन्य सहायता दरअसल ईरान के क्षेत्रीय नेटवर्क को भी कमजोर करने का एक प्रभावी तरीका है।
ट्रंप की कूटनीतिक पहल
इन बढ़ते तनावों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूटनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। जेलेंस्की ने दावा किया था कि रूस ने सैटेलाइट इंटेलिजेंस के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने में ईरान की मदद की है, जिस पर ट्रंप ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से इस बारे में सीधी बात करेंगे।
यह भी पढ़ें:- मौत के साये में 13 भारतीय नाविक! यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क पोर्ट पर जहाज पर फंसी जान, ड्रोन हमलों से दहला इलाका
ट्रंप ने फिलहाल इस आरोप पर संदेह जताते हुए कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि रूस इतने उच्च स्तर पर ऐसी गतिविधियों में शामिल है। अमेरिकी प्रशासन की यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि वह इस नाजुक मोड़ पर कोई भी बड़ा फैसला अपनी खुफिया जानकारियों के आधार पर ही लेना चाहता है।
