कौन हैं बालेंद्र शाह? इंजीनियर और रैपर से नेपाल के ‘मसीहा’ बनने तक का सफर, PM की रेस में सबसे आगे
Who Is Balen Shah: स्ट्रक्चरल इंजीनियर, रैपर और अब नेपाल के संभावित प्रधानमंत्री! बालेंद्र शाह उर्फ बालेन शाह ने कैसे जेन-जी आंदोलन के जरिए नेपाल की राजनीति की तस्वीर बदल दी, जानिए पूरी कहानी।
- Written By: सजल रघुवंशी
Who Is Balen Shah (Image Source: Designed Image)
Balendra Shah Nepal PM Candidate: नेपाल में 5 मार्च को हुए ऐतिहासिक चुनावों के बाद जो रुझान सामने आ रहे हैं, वे एक बड़ी राजनीतिक क्रांति की ओर इशारा कर रहे हैं। नेपाली मीडिया के अनुसार, देश का जनादेश एक ‘मिलेनियल’ प्रधानमंत्री के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘जेन-जी’ यानी युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरे 35 वर्षीय बालेंद्र शाह (बालेन शाह) वर्तमान में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से 4,000 से अधिक मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं। झापा-5 जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्र में उनकी बढ़त ने पारंपरिक राजनेताओं की नींद उड़ा दी है।
पहले इंजीनियरिंग से बने रैपर और फिर राजनीति की ओर
27 अप्रैल, 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी है। पेशे से एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेन ने 2012 के आसपास ‘नेफॉप’ (नेपाली हिप-हॉप) की दुनिया में कदम रखा। उनके राजनीतिक रैप और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले संगीत ने उन्हें युवाओं के बीच एक राष्ट्रीय हस्ती बना दिया। साल 2022 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़कर काठमांडू के 15वें मेयर के रूप में जीत हासिल की। मेयर रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी भाषणों और व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी छवि एक ‘रिफॉर्मर’ की बनाई।
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मसीहा वाली छवि और आंदोलन की उपज
बालेन शाह केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक आंदोलन का चेहरा हैं। सितंबर 2025 में जब नेपाल की सड़कों पर ‘जेन-जी’ युवाओं ने केपी शर्मा ओली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था, तब बालेन उस विरोध प्रदर्शन के प्रमुख रणनीतिकार थे। इसी आंदोलन के कारण तत्कालीन सरकार को इस्तीफा देना पड़ा था। दिल्ली स्थित पत्रकार श्यामंतक घोष उन्हें राजनीति का ‘फैंटम’ कहते हैं, क्योंकि उनकी योजनाएं और उनकी अगली चाल का अंदाजा उनके करीबी समूह को भी नहीं होता। वे पारंपरिक रैलियों के बजाय सीधे जनता के बीच घूमना और सोशल मीडिया के जरिए संवाद करना पसंद करते हैं।
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राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का है बदलाव का वादा
काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हुए। उनका चुनावी अभियान आर्थिक सुधार, युवाओं के लिए रोजगार और नेपाल से हो रहे ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) को रोकने पर केंद्रित है। उनके समर्थकों का मानना है कि बालेन नेपाल की नीतियों को आधुनिक बनाने की क्षमता रखते हैं। उनके प्रशंसक रजत के अनुसार, बालेन का मानना है कि प्रधानमंत्री का पद संभालना मेयर के काम से कहीं अधिक प्रभावी हो सकता है, क्योंकि यहाँ उन्हें सीधे जनता के प्रति जवाबदेह रहकर बड़े फैसले लेने की आजादी मिलेगी।
