हिंदू होने की वजह से बची कारण बची काश पटेल की जान! हिट लिस्ट में नहीं था नाम, मैनीफेस्टो से खुला राज
White House Shooting: व्हाइट हाउस डिनर गोलीबारी की जांच में हमलावर कोल एलन का मैनीफेस्टो सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, धार्मिक कारणों और रणनीतिक सोच की वजह से काश पटेल हमलावर के निशाने पर नहीं थे।
- Written By: अक्षय साहू
कोल एलन, काश पटेल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Cole Allen Manifesto: व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी के बाद जांच में कई चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। अमेरिकी एजेंसियां हमलावर कोल एलन के मैनीफेस्टो की गहराई से जांच कर रही हैं। इस दस्तावेज में डोनाल्ड ट्रंप से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों को संभावित निशाने के रूप में सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन काश पटेल का नाम इसमें शामिल नहीं था। अब अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर उन्हें क्यों छोड़ा गया।
जांच में हमलावर की वैचारिक और धार्मिक सोच को लेकर एक रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मैनीफेस्टो में ईसाई-विरोधी विचारों के संकेत मिले हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि काश पटेल, जो हिंदू समुदाय से आते हैं, हमलावर के निशाने के दायरे में नहीं आए। हमलावर ने अपने हिंसक कृत्य को सही ठहराने के लिए धार्मिक और वैचारिक तर्कों का सहारा लिया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसका गुस्सा किसी विशेष धार्मिक समूह की ओर केंद्रित हो सकता था।
काश पटेल को चोट नहीं पहुंचाना चाहता था हमलावर
दूसरा संभावित कारण रणनीतिक भी माना जा रहा है। जांचकर्ताओं का कहना है कि हमलावर ने अपने हमले के लिए कुछ नियम तय किए थे। इनमें कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों को नुकसान न पहुंचाना और गैर-राजनीतिक लोगों को कम से कम नुकसान पहुंचाना शामिल था।
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माना जा रहा है कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के निदेशक होने के कारण काश पटेल को इस श्रेणी में रखा गया हो सकता है। हालांकि, यह थ्योरी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, क्योंकि हमले के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी को गोली लगी थी, हालांकि वह बुलेटप्रूफ जैकेट के कारण बच गया।
हमले से पहले परिवार को भेजा था मैनीफेस्टो
जांच में यह भी सामने आया है कि कोल एलन ने एक विस्तृत “हिट लिस्ट” तैयार की थी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों को क्रमबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया था। उसने हमले से करीब 10 मिनट पहले यह मैनीफेस्टो अपने परिवार को भेजा था और अपने कदम को कथित अन्याय के खिलाफ प्रतिक्रिया बताया था।
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यह घटना 25 अप्रैल को वाशिंगटन के हिल्टन होटल में कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई, जहां हमलावर भारी हथियारों के साथ सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, सीक्रेट सर्विस ने उसे मुख्य कार्यक्रम तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया। हमले में एक अधिकारी घायल हुआ, लेकिन उसकी जान बच गई, जबकि डोनाल्ड ट्रंप और अन्य सभी प्रमुख लोग सुरक्षित निकाल लिए गए। अब इसकी गहराई से जांच की जा रही है।
