हमारे पास एक स्वतंत्र आपराधिक न्याय प्रणाली है… अडानी महाभियोग पर पूछे गए सवालों पर बोले अमेरिकी राजदूत
US Envoy Eric Garcetti on Adani Indictment: भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी भारत और अमेरिका के बीच उद्योग पर अहम बात की। इस बीच मेरिका द्वारा लगाए गौतम अडानी महाभियोग पर सवाल उठे।
- Written By: साक्षी सिंह
भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी
मुंबई: भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी इन दिनों मुंबई दौरे पर हैं। यहां उन्होंने गुरुवार को भारत और अमेरिका के बीच उद्योग पर अहम बात की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के देश के उद्योगपतियों के साथ मजबूत संबंध हैं। अमेरिका क्षमता निर्माण सुनिश्चित करने के लिए साझेदारी जारी रखने के लिए तत्पर हैं। इस बीच गौतम अडानी और अन्य के कथित रिश्वत मामले में अमेरिका द्वारा अभियोग लगाए जाने पर कई सवाल किए गए।
उद्योगपतियों के साथ मजबूत संबंध पर भारतीय मीडिया ने उनसे अडानी मुद्दे पर सवाल किया। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी और अन्य अधिकारियों से संबंधित अमेरिका में चल रही कार्यवाही के बारे में टिप्पणी करने के लिए पूछे जाने पर अमेरिकी राजदूत ने जवाब दिया।
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एरिक गार्सेटी ने टिप्प्णी करने से किया इनकार
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि नहीं, मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। जाहिर है कि हमारे पास स्वतंत्र आपराधिक न्याय प्रणाली है। यह बहुत से देशों से अलग है। हमारे यहां भारत के साथ कई बड़े उद्योगपतियों, बड़ी कंपनियों के साथ अद्भुत साझेदार हैं।
गौतम अडाणी
भारत की तारीफों के बांंधे पुल
गार्सेटी ने उद्योगपतियों के साथ मजबूत संबंध पर बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि हम कभी-कभी सीधे नए कारखानों, बंदरगाहों और अन्य चीजों को वित्त पोषित करते रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि यह दृष्टिकोण जारी रहेगा। चाहे कुछ भी हो। क्योंकि हम एक महान नए भारत का निर्माण होते देख रहे हैं और हम भारत के बाहर ऐसा करने के लिए भारतीय कंपनियों की क्षमता देख रहे हैं। चाहे वह श्रीलंका जैसे क्षेत्रों में हो या अफ्रीका के पूर्वी तट पर।
लोकतांत्रिक नेतृत्व वाले बिजनेसमैन पर जोर
एरिक गार्सेटी ने उम्मीद जताते हुए कि हम इस बात पर नजर रखेंगे कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसके पास क्षमता है। हम कैसे साझेदारी कर सकते हैं और यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऋण जाल और राज्य-आधारित। अधिक निरंकुश दृष्टिकोण के बजाय हमारे दोनों देशों के लोकतांत्रिक नेतृत्व वाले बिजनेसमैन हों।
