वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने कई अंतरराष्ट्रीय दिग्गज पत्रकारों की छंटनी की (सोर्स-सोशल मीडिया)
Washington Post Massive International Layoffs: मीडिया जगत में उस समय हड़कंप मच गया जब वॉशिंगटन पोस्ट ने अपने अंतरराष्ट्रीय डेस्क के कई पत्रकारों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस छंटनी में शशि थरूर के बेटे ईशान थरूर और मिडिल ईस्ट की पूरी टीम भी शामिल है। यह खबर पत्रकारिता की दुनिया में नौकरियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। प्रभावित पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
ईशान थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी छंटनी की जानकारी साझा करते हुए इसे एक हृदयविदारक क्षण बताया है। उन्होंने लिखा कि वह अपने न्यूज़रूम और उन बेजोड़ पत्रकारों के लिए बहुत दुखी हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाएं दी थीं। ईशान थरूर के साथ पोस्ट के अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अन्य बेहतरीन सहकर्मियों को भी आज अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।
I have been laid off today from the @washingtonpost, along with most of the International staff and so many other wonderful colleagues. I’m heartbroken for our newsroom and especially for the peerless journalists who served the Post internationally — editors and correspondents… — Ishaan Tharoor (@ishaantharoor) February 4, 2026
गेरी शिह ने बताया कि उनके साथ मिडिल ईस्ट की पूरी टीम को भी संस्थान से हटा दिया गया है जो एक चौंकाने वाला फैसला है। खोजी पत्रकार विल हॉब्सन ने अपने 11 साल के लंबे सफर को याद करते हुए खेल जगत के प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक प्रभावशाली हस्तियों की जवाबदेही तय करना उनके लिए किसी खूबसूरत सपने के सच होने जैसा ही था।
इस बड़ी छंटनी का असर काहिरा, यूक्रेन और बर्लिन जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर तैनात ब्यूरो प्रमुखों पर भी बहुत गहराई से पड़ा है। इन प्रमुख केंद्रों पर काम करने वाले पत्रकारों ने इस अचानक आए संकट पर अपनी चिंता और गहरा शोक व्यक्त किया है। अचानक लिए गए इस फैसले ने वैश्विक मीडिया जगत के भीतर काम करने वाले सभी पेशेवरों को एक बार फिर हिलाकर रख दिया है।
वॉशिंगटन पोस्ट के इस फैसले से पत्रकारिता की दुनिया के लिए एक बहुत ही दुखद दिन के रूप में देखा जा रहा है। नौकरी से निकाले गए इन सभी पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपनी गौरवपूर्ण यादें साझा कीं और काम के प्रति अपना जुनून दिखाया। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि बड़े मीडिया संस्थानों में भी नौकरियों की सुरक्षा अब स्थिर नहीं रही है।
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विदेशी रिपोर्टिंग के लिए मशहूर इस संस्थान द्वारा अपनी अंतरराष्ट्रीय टीम को हटाने से भविष्य की खबरों के कवरेज पर असर पड़ सकता है। ईशान थरूर जैसे अनुभवी पत्रकारों का जाना इस बात का संकेत है कि मीडिया संस्थान अब अपनी प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि यह प्रतिष्ठित अखबार अपनी वैश्विक कवरेज को किस प्रकार से जारी रखने की योजना बनाता है।
It was an honor to be @washingtonpost‘s first Sydney bureau chief. Unfortunately, I’m also the last. The paper is shrinking foreign coverage. I’ve lost my job. Worse, millions of readers will lose my colleagues’ brilliant coverage. At a time of tumult, we need more info, not less pic.twitter.com/pKDan4a0Yr — Michael Miller (@MikeMillerDC) February 4, 2026