ईरान-US जंग के बीच वाशिंगटन में बड़ी बैठक, रूबियो से विक्रम मिसरी ने की मुलाकात, जानें भारत के लिए इसके मायने
Vikram Misri Marco Rubio Meeting: ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से वाशिंगटन में मुलाकात की है।
- Written By: अमन उपाध्याय
विक्रम मिसरी मार्को रुबियो और सर्जियो गोर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Vikram Misri Marco Rubio Meeting Washington: दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल और ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत और अमेरिका ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने वाशिंगटन डीसी की अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से व्हाइट हाउस में एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुलाकात की।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका का पूरा ध्यान मध्य पूर्व की गंभीर स्थिति और ईरान के साथ चल रहे संघर्ष पर केंद्रित है। इस चर्चा के दौरान दोनों देशों ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की बल्कि भविष्य की वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक साझा रणनीति पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।
रणनीतिक साझेदारी और क्वाड पर ध्यान
व्हाइट हाउस में हुई इस बैठक में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी शामिल रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) की सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला, और रक्षा सहयोग रहा। इसके अलावा, ‘क्वाड’ के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी गंभीरता से सहमति बनी,।
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भारतीय दूतावास ने इस बैठक को ‘अत्यंत सार्थक’ करार दिया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत और अमेरिका अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा करने के लिए इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग करने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।
फारस की खाड़ी का तनाव
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने अपनी यात्रा के दौरान केवल मार्को रूबियो ही नहीं, बल्कि अमेरिकी प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकातें कीं। उन्होंने अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ और राजनीतिक मामलों की अवर विदेश मंत्री एलिसन हूकर से अलग-अलग चर्चा की। क्रिस्टोफर लैंडौ के साथ बैठक में फारस की खाड़ी की मौजूदा स्थिति और अन्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर गहराई से विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
एलिसन हूकर के साथ हुई चर्चा में इस बात पर जोर दिया गया कि रक्षा और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत और अमेरिका कैसे और अधिक निकटता से काम कर सकते हैं। इसमें भी क्वाड के माध्यम से हो रहे सहयोग का विशेष जिक्र किया गया।
आतंकवाद और अपराध के खिलाफ साझा मोर्चा
सुरक्षा के मोर्चे पर भी भारत और अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। विक्रम मिसरी ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसी एफबीआई (FBI) के निदेशक काश पटेल से भी मुलाकात की। इस वार्ता में आतंकवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे वैश्विक खतरों से सामूहिक रूप से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग पर सार्थक चर्चा हुई।
मार्को रूबियो का आगामी भारत दौरा
इस सफल वार्ता के बाद यह घोषणा की गई है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले महीने, यानी मई 2026 में भारत की यात्रा करेंगे। वह भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के उद्देश्य से नई दिल्ली आएंगे और रणनीतिक मुद्दों पर आगे की बातचीत जारी रखेंगे।
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यह महत्वपूर्ण कूटनीतिक हलचल तब हो रही है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वैंस के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जा रहा है। ऐसे में भारत के साथ अमेरिका की यह उच्च-स्तरीय मंत्रणा दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व की भविष्य की राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
