ईरान की दहलीज पर अमेरिकी परमाणु बेड़ा; USS अब्राहम लिंकन की रवानगी से मिडिल ईस्ट में हलचल, क्या शुरू होगी जंग?

US Iran War Tension: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और हजारों मौतों के बीच पेंटागन ने अपना शक्तिशाली परमाणु विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट की ओर रवाना कर दिया है।
US nuclear fleet on Iran's doorstep; the deployment of the USS Abraham Lincoln stirs tensions in the Middle East, will war break out?
ईरान की दहलीज पर अमेरिकी परमाणु बेड़ा, कॉन्सेप्ट फोटो
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USS Abraham Lincoln Iran: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने अपनी नौसैनिक ताकत को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के इलाके में तैनात करने का आदेश दिया है. साउथ चाइना सी में तैनात USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अब ईरान की ओर बढ़ रहा है और उसे वहां पहुंचने में लगभग एक हफ्ते का समय लगेगा. इस बेड़े में विमानवाहक पोत के साथ कई घातक युद्धपोत भी शामिल हैं।

कितना शक्तिशाली है USS अब्राहम लिंकन?

USS अब्राहम लिंकन दुनिया के सबसे ताकतवर नौसैनिक युद्ध समूहों में से एक है। यह न्यूक्लियर पावर से चलता है और इसका वजन 1 लाख टन से भी ज्यादा है. इस पर करीब 5,000 सैनिक तैनात रहते हैं और यह 60 से 75 लड़ाकू विमानों व हेलीकॉप्टरों को ले जाने में सक्षम है, जिनमें F/A-18 फाइटर जेट्स और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर एयरक्राफ्ट शामिल हैं। इस स्ट्राइक ग्रुप में मिसाइल से लैस डिस्ट्रॉयर, क्रूजर और एक अटैक सबमरीन भी शामिल है  जो टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों और एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम से लैस हैं।

ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात

यह सैन्य तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में पिछले 18 दिनों से महंगाई और आर्थिक बदहाली के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के 187 शहरों में विरोध की आग फैल चुकी है, जिसमें अब तक 2,615 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 18,470 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हमले जारी रहे, तो वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

ट्रंप को मिले सैन्य विकल्प और क्षेत्रीय अलर्ट

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी गई है, जिसमें केवल हवाई हमले ही नहीं बल्कि साइबर और मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन भी शामिल हैंसुरक्षा के मद्देनजर, कतर स्थित अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अड्डे अल-उदीद से कुछ कर्मचारियों को निकलने की सलाह दी गई है और सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने भी अलर्ट जारी किया है। पूरे मिडिल ईस्ट में इस बात की चिंता बढ़ गई है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत हुई, तो पूरा इलाका भीषण अस्थिरता की चपेट में आ सकता है।

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