पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (सोर्स- सोशल मीडिया)
Khawaja Asif Pakistan Toilet Paper Statement: अमेरिका के साथ करीबी रिश्तों की पैरवी करने वाला पाकिस्तान अब अपने पिछले फैसलों पर खुलकर पछतावा करता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में दिए गए अपने हालिया बयान में अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि 2001 के बाद अमेरिका से दोबारा नजदीकी बढ़ाने का निर्णय देश के लिए बड़ी रणनीतिक भूल साबित हुआ। उनके मुताबिक, इस फैसले की कीमत पाकिस्तान आज तक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से चुका रहा है।
संसद में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान में अमेरिका का समर्थन करना धार्मिक कारणों से नहीं, बल्कि वैश्विक ताकतों से समर्थन और राजनीतिक वैधता हासिल करने के उद्देश्य से था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान इन युद्धों में इस्लाम की रक्षा या जिहाद के नाम पर शामिल नहीं हुआ था, बल्कि एक सुपरपावर का साथ पाने के लिए उसने यह रास्ता चुना। उनके अनुसार, अफगानिस्तान का युद्ध वास्तव में बड़ी शक्तियों के बीच प्रॉक्सी संघर्ष था, जिसे जिहाद का नाम देकर प्रस्तुत किया गया।
Big statement –
“Pak was used like toilet paper” Khawaja Asif admitted that Pakistan has historically fought wars for superpowers & waged a “Made in USA” jihad. Asif also claimed that Pakistan was treated “worse than toilet paper” by USA, used for a purpose and then discarded. pic.twitter.com/DpNFAWfG9I — War & Gore (@Goreunit) February 11, 2026
आसिफ ने कहा कि लगभग दो दशकों तक पाकिस्तान ने खुद को अमेरिकी समर्थन पाने के लिए समर्पित रखा। उनका आरोप था कि अमेरिका ने पाकिस्तान का उपयोग अपने हितों के लिए किया और बाद में उसे महत्वहीन समझकर किनारे कर दिया। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ “टॉयलेट पेपर से भी बुरा व्यवहार” किया गया पहले इस्तेमाल किया और फिर फेंक दिया गया।
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रक्षा मंत्री ने देश में बढ़ती हिंसा, कट्टरता और आर्थिक संकट के लिए भी उस दौर की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उनके अनुसार, इन फैसलों से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में पाकिस्तान को अपनी विदेश नीति अधिक संतुलित और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण के साथ तय करनी चाहिए, ताकि वह किसी बाहरी शक्ति पर अत्यधिक निर्भर न हो।