PM मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अमेरिका ने किया हमला! चाबहार पोर्ट पर दागी मिसाइलें, बंदरगाह का टवर तबाह
Chabahar Port Air Strikes: अमेरिका ने ईरान में भारत के ड्रीम प्रोजेक्ट चाबहार पोर्ट पर मिसाइलें दागकर भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे भारत के रणनीतिक और व्यापारिक हितों को बड़ा झटका लगा है।
- Written By: अक्षय साहू
अमेरिका ने चाबहार बंदरगाह पर हमला किया (AI जेनरेटेड इमेज)
US Attack Chabahar Port: अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग ने अब और भी भीषण रूप ले लिया है। अमेरिका लगातार ईरान के बुनियादी ढ़ांचों पर हमला कर रहा है। अमेरिकी सेना ने बीती रात ईरान के पावर प्लांट, बड़े पुलों, हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों को निशाना बनाया है, इसके साथ ही अमेरिकी सेना ने भारत के ड्रीम प्रोजेक्ट चाबहार पोर्ट पर मिसाइलें दागकर भारी नुकसान पहुंचाया है।
भारत ने इस पोर्ट को विकसित करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसे अपने कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था। भारत चाबहार पोर्ट के जरिए अपने लिए यूरोप तक का सीधा रास्ता बनाना चाहता था। इस प्रोजेक्ट को भारत ने चीन के वन बेल्ट वन रोड प्रोजेक्ट के जवाब की तरह पेश किया था। अमेरिकी फौज ने शुक्रवार रात यहां ताबड़तोड़ हमला किया। जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी हमले से बंदरगाह का एक टावर ध्वस्त हो गया है।
पीट हेगसेथ ने साझा की तस्वीरें
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बंदरगाह के निगरानी टावर के ढहते हुए प्रतीत होने वाली तस्वीर साझा की। बता दें कि चाबहार पर हुआ यह पहला हमला नहीं था, अमेरिकी सेना लगातार चाबहार पोर्ट पर हमले करती रही है। इससे पहले दो बार यहां हमला हो चुका है। ईरानी मीडिया ने बताया कि बंदरगाह पर तीसरा हमला था।
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https://t.co/jZlSVRePRC pic.twitter.com/Nj5o0oiphH — Pete Hegseth (@PeteHegseth) July 17, 2026
हालांकि, ईरानी मीडिया ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि अमेरिकी हमले में बंदरगाह का निगरानी टावर ध्वस्त हुआ है या नहीं। ईरान ने इस टावर को बंदरगाह में आने-जाने वाले जहाजों पर नजर रखने के लिए बनाया था। हालांकि अमेरिका ने दावा किया है कि टावर का उपयोग ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) देशभर के बंदरगाहों पर अपनी गतिविधियां संचालित करने के लिए करती थी। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि पोर्ट पर तीन मिसाइलें दागी गई हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार?
चाबहार एक गहरे पानी का बंदरगाह है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाहर स्थित होने के कारण इसकी हिंद महासागर तक सीधी पहुंच है। इसकी वजह से यहां जहाजों को तेजी से और सुरक्षित प्रवेश मिल सकता था। इस तरह यह भारत का सबसे करीबी ईरानी बंदरगाह बन जाता। गुजरात में कांदला बंदरगाह से इसकी दूरी केवल 550 समुद्री मील है, जबकि मुंबई से यह सिर्फ 786 समुद्री मील दूर है। इस प्रकार यह भारत के लिए व्यापारिक और रणनीतिक रूप से काफी अहम था।
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चीन-पाकिस्तान को होगा फायदा
भारत ने चाबहार पोर्ट को पाकिस्तान को दरकिनार करने के लिए विकसित किया था। भारत इसके जरिए मिडिल ईस्ट और अफगानिस्तान से सीधे संपर्क साधने के बड़े भू-राजनीतिक तक अपनी पहुंच स्थापित करना चाहता था। हालांकि अमेरिका के हमले से भारत को झटका लगा है। इसका फायदा सीधे पाकिस्तान और चीन को होगा।
