अमेरिकी हमले से ईरान को लगा बड़ा झटका, CIA का दावा- परमाणु ठिकाने बर्बाद

CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले में ईरान का मेटल कन्वर्जन सेंटर नष्ट हो गया है, जिससे उसके परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है। ईरान का परमाणु कार्यक्रम सालों पीछे हो गया है।
अमेरिकी हमले से ईरान को लगा बड़ा झटका, CIA का दावा- परमाणु ठिकाने बर्बाद
सीआईए के निदेशक जॉन रैटक्लिफ (फोटो- सोशल मीडिया)
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वाशिंगटन: अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) के निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने दावा किया है कि अमेरिकी हमले से ईरान का परमाणु कार्यक्रम बुरी तरह से बर्बाद हो गया है। ईरान के एकमात्र मेटल कन्वर्जन सेंटर को नष्ट कर दिया गया है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम को एक बड़ा झटका दिया गया है, इससे उबरने में उसे सालों लग जाएंगे। एक अमेरिकी अधिकारी ने यह जानकारी दी। रैटक्लिफ ने यह जानकारी अमेरिकी सांसदों को दी।

मेटल कन्वर्जन सेंटर वह स्थान होता है जहां यूरेनियम जैसे रेडियोधर्मी तत्वों को एक स्वरूप से दूसरे स्वरूप में बदला जाता है, ताकि उनका उपयोग परमाणु ऊर्जा या परमाणु हथियारों के निर्माण में किया जा सके। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि रैटक्लिफ ने पिछले हफ्ते अमेरिकी सांसदों के लिए आयोजित एक विशेष बैठक में इन केंद्रों पर हुए हमलों की गंभीरता और महत्व को विस्तार से समझाया।

डेमोक्रेटिक सांसदों ने उठाए थे सवाल

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों और अन्य ने यह सवाल उठाया था कि पिछले मंगलवार को ईरान-इजराइल में हुए संघर्ष विराम से पहले अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में ईरान को कितना नुकसान पहुंचा, जिसका जवाब देने से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी सरकार बचती रही। इस बीच, इन गोपनीय बैठकों की जानकारी सामने आई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने एक मीडिया इंटरव्यू में इजराइल-ईरान संघर्ष में अमेरिकी भूमिका को लेकर बात करते हुए कहा कि यह ऐसी तबाही थी जैसी पहले किसी ने कभी नहीं देखी। इसका मतलब है कि कम से कम कुछ समय के लिए उनके (ईरान के) परमाणु इरादे धूमिल हो गए हैं।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम बर्बाद

रैटक्लिफ ने सांसदों को यह भी बताया कि खुफिया एजेंसियों का अनुमान है कि ईरान की ओर से जमा किया गया ज्यादातर संवर्धित यूरेनियम अब शायद इस्फहान और फोर्दो में मलबे में दब गया है। ये दोनों जगहें अमेरिका के हमलों में निशाना बनाए गए तीन मुख्य परमाणु केंद्रों में से हैं। अधिकारी ने बताया कि भले ही यूरेनियम सुरक्षित बचा हो, लेकिन मेटल कन्वर्जन सेंटर के तबाह हो जाने से तेहरान की बम बनाने की क्षमता अगले कई सालों तक लगभग क्षतिग्रस्त हो गई है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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